नेपाल में बढ़ती हिंसा और राजनीतिक संकट के बीच बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक फंसे हुए हैं। कई यात्रियों ने वीडियो जारी कर भारतीय दूतावास और सरकार से तत्काल मदद की अपील की है।
गौरी के., जो अपनी बहन के साथ कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गई थीं, ने बताया कि वह 150 से अधिक भारतीय पर्यटकों के साथ एक होटल में फंसी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने पर्यटकों को भी निशाना बनाया और जिस होटल में वे ठहरी थीं, वह आगजनी में जलकर खाक हो गया। उनका सारा सामान भी इसी हादसे में नष्ट हो गया।
उन्होंने कहा कि सभी एयरलाइनों ने काठमांडू से उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिसके चलते पर्यटक वापस नहीं लौट पा रहे हैं। उनके अनुसार, होटल में फंसे यात्रियों में करीब 20 पर्यटक बेंगलुरु से हैं।
दूसरी ओर, उपासना गिल, जो पोखरा में वॉलीबॉल लीग की मेजबानी के लिए गई थीं, ने भी वीडियो संदेश जारी कर दूतावास से सुरक्षित निकासी की अपील की है।
नेपाल में सोमवार से भड़के Gen-Z आंदोलन ने अब व्यापक हिंसक रूप ले लिया है। आंदोलन की शुरुआत सोशल मीडिया बैन से हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और बेरोजगारी के खिलाफ बड़े जनाक्रोश में बदल गया। राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएँ लगातार जारी हैं।
