नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की ताजपोशी को लेकर हलचल तेज हो गई है। मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा के केंद्र सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद से ही यह चर्चा जोरों पर है कि पार्टी नेतृत्व में जल्द बदलाव होगा। नड्डा का कार्यकाल पहले ही पूरा हो चुका है और फिलहाल वे विस्तार पर हैं। अब पार्टी ने संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए तीन वरिष्ठ नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
इन तीन नेताओं को मिली ज़िम्मेदारी
BJP ने शुक्रवार को महाराष्ट्र, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में संगठनात्मक चुनावों की निगरानी के लिए तीन वरिष्ठ नेताओं को राज्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है।
- केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू को महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया गया है।
- हर्ष मल्होत्रा को उत्तराखंड की जिम्मेदारी दी गई है।
- पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को पश्चिम बंगाल के संगठनात्मक चुनावों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
क्यों अहम है यह कदम?
पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण ने जानकारी दी कि यह नियुक्तियां राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों और प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए की गई हैं। इस कदम से संगठनात्मक चुनावों को गति मिलेगी और साथ ही यह रास्ता साफ होगा कि आने वाले समय में BJP को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष कब मिलेगा।
37 संगठनात्मक राज्य, 19 में प्रक्रिया जरूरी
BJP के पास कुल 37 संगठनात्मक राज्य हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया तब शुरू हो सकती है जब इनमें से कम से कम 19 राज्यों में चुनाव संपन्न हो जाएं। अब तक 14 राज्यों में चुनाव संपन्न हो चुके हैं, जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात जैसे बड़े राज्यों में यह प्रक्रिया अभी बाकी है। हालांकि, जनवरी में इन राज्यों के लिए भी राज्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किए जा चुके हैं।
क्या संकेत दे रहा है यह घटनाक्रम?
भाजपा की यह कवायद इस बात का संकेत है कि जल्द ही संगठनात्मक चुनावों को पूरा कर नया अध्यक्ष चुना जाएगा। यह भाजपा के संगठन में नई ऊर्जा भरने और भविष्य की रणनीतियों को धार देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।