बीएमसी समेत प्रमुख नगर निगमों में भाजपा-शिवसेना (महायुति) की बड़ी बढ़त
महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों की मतगणना के शुरुआती रुझानों में भाजपा-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन यानी महायुति की जबरदस्त बढ़त देखने को मिल रही है। बीएमसी, नागपुर, पुणे और ठाणे जैसे प्रमुख शहरी निकायों में महायुति स्पष्ट बढ़त के साथ आगे चल रही है, जबकि विपक्षी महाविकास अघाड़ी (एमवीए) काफी पीछे नजर आ रही है। शुरुआती रुझानों को राजनीतिक विश्लेषक राज्य में एक स्पष्ट “भगवा लहर” के रूप में देख रहे हैं।
बीएमसी में महायुति की बढ़त
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव के शुरुआती रुझानों के अनुसार भाजपा-शिवसेना महायुति 102 वार्डों में आगे चल रही है। वहीं शिवसेना (यूबीटी)-एमएनएस गठबंधन 57 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है।
यूबीटी गठबंधन में शिवसेना (यूबीटी) 48, एमएनएस 8 और एनसीपी (एसपी) 1 सीट पर आगे है। कांग्रेस 3 वार्डों में और अजित पवार गुट की एनसीपी कुछ सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
अब तक घोषित परिणामों में भाजपा के नवनाथ बन ने वार्ड क्रमांक 135 जीता है, जबकि शिवसेना (शिंदे) की वर्षा तेंबावलकर ने वार्ड 51 में एनसीपी (एसपी) प्रत्याशी को पराजित किया है। शिवसेना (शिंदे) की रेखा राम यादव ने वार्ड 1 में जीत दर्ज की है।
नागपुर में भाजपा की सुनामी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह जिले नागपुर में भाजपा का दबदबा स्पष्ट नजर आ रहा है। नगर निगम चुनाव में भाजपा 151 में से 88 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस महज 22 सीटों पर सिमटी हुई है।
पुणे और ठाणे में भी भाजपा आगे
पुणे नगर निगम (पीएमसी) में भाजपा ने पवार परिवार के गढ़ में सेंध लगाते हुए 165 में से 55 सीटों पर बढ़त बना ली है। एनसीपी के दोनों गुट 6 सीटों पर और कांग्रेस-यूबीटी गठबंधन 4 सीटों पर आगे है।
ठाणे नगर निगम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृह क्षेत्र में भाजपा 131 वार्डों में से 24 पर आगे है, जबकि एनसीपी 4 और यूबीटी-एमएनएस-एनसीपी (एसपी) गठबंधन 5 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है।
अन्य नगर निगमों का हाल
- नासिक : भाजपा 12, एमवीए-एमएनएस 9 और शिवसेना-एनसीपी 11 सीटों पर आगे
- छत्रपति संभाजीनगर : भाजपा 18, शिवसेना 11, शिवसेना (यूबीटी) 7, कांग्रेस-एनसीपी (एसपी) 5, एनसीपी 2 और वंचित बहुजन अघाड़ी 1 सीट पर आगे
52.94 प्रतिशत मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव में 52.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव के दौरान लगाए गए आरोपों को आयोग ने खारिज कर दिया है।
नगर निगम चुनावों के ये शुरुआती रुझान महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में महायुति की मजबूत पकड़ और विपक्ष की कमजोर स्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं।
