मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच Iran के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिकी नागरिकों को संबोधित करते हुए एक भावुक खुला पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की आम अमेरिकी जनता से कोई शत्रुता नहीं है और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को राजनीतिक मतभेदों से अलग देखा जाना चाहिए।
अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि Iran को वैश्विक स्तर पर एक खतरे के रूप में प्रस्तुत करना ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ईरान एक प्राचीन सभ्यता है, जिसने अपने आधुनिक इतिहास में कभी भी युद्ध की शुरुआत नहीं की, बल्कि हमेशा अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए कदम उठाए हैं।
राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 1953 में हुए अमेरिकी हस्तक्षेप का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी घटना के बाद दोनों देशों के रिश्तों में अविश्वास की शुरुआत हुई। उन्होंने इसे ईरान की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाहरी दखल बताते हुए वर्तमान तनाव की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जोड़ा।
पत्र में यह भी कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कई बार “खतरे की छवि” जानबूझकर बनाई जाती है, ताकि सैन्य उपस्थिति, हथियार उद्योग और रणनीतिक हितों को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी सोच के तहत ईरान को निशाना बनाया जाता रहा है।
साथ ही, राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि Iran अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह पूरी तरह आत्मरक्षा के सिद्धांत पर आधारित है, न कि किसी आक्रामक नीति पर।
इस भावनात्मक अपील के जरिए Masoud Pezeshkian ने वैश्विक समुदाय, खासकर अमेरिकी नागरिकों से अपील की है कि वे राजनीतिक बयानबाजी से अलग वास्तविकता को समझें और शांति व संवाद को प्राथमिकता दें।
