नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को हैदराबाद हाउस में फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देने, सुरक्षा सहयोग बढ़ाने और महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर करने पर चर्चा की। इस दौरान साइबर सुरक्षा, डेटा प्रोटेक्शन समेत कुल सात अहम समझौतों पर साइन किए गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मुलाकात की जानकारी दी।
FIPIC पहल को मोदी ने सराहा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 में उन्होंने फिजी का दौरा किया था और उस समय ‘फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइसलैंड कॉरपोरेशन’ (FIPIC) की शुरुआत की थी। इस पहल ने न केवल भारत-फिजी संबंधों को, बल्कि पूरे पैसिफिक क्षेत्र के साथ भारत के जुड़ाव को मजबूत किया।
फिजी के साथ ऐतिहासिक और आत्मीय संबंध
मोदी ने कहा कि भारत और फिजी के बीच आत्मीयता और ऐतिहासिक नाता गहरा है। 19वीं सदी में भारत से गए 60,000 से अधिक गिरमिटिया भाई-बहनों ने फिजी की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता में योगदान दिया। उन्होंने फिजी की एकता और अखंडता को मजबूत किया और अपनी जड़ों व संस्कृति से जुड़े रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने फिजी में गिरमिट-डे की घोषणा की सराहना की और इसे साझा इतिहास का सम्मान बताया।
सुरक्षा और तकनीकी सहयोग पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने फिजी के साथ रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का ऐलान किया। इसके लिए एक विशेष एक्शन प्लान तैयार किया गया है। भारत फिजी को सुरक्षा प्रशिक्षण और उपकरण प्रदान करेगा। साइबर सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन में अनुभव साझा करने के लिए भारत तैयार है। मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में फिजी सरकार के समर्थन की सराहना की।
फिजी के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा
सिटिवेनी राबुका 24 अगस्त को नई दिल्ली पहुंचे। यह उनकी पद पर भारत की पहली यात्रा है। पीएम मोदी ने राबुका के सम्मान में दोपहर का भोजन आयोजित किया। फिजी के प्रधानमंत्री ने राजघाट पर जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और भारतीय विश्व मामलों की परिषद में ‘शांति का सागर’ विषय पर व्याख्यान भी दिया।
दोनों देशों के संबंधों में नई ऊर्जा
यह दौरा जुलाई में फिजी के सुवा में हुए विदेश कार्यालय परामर्श के छठे दौर के कुछ सप्ताह बाद आया है। इस मुलाकात और समझौतों ने भारत और फिजी के द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा और सहयोग के अवसर पैदा किए हैं।