रायपुर। धरसींवा खंड़ के कुथरेल गाँव में एक गंभीर विवाद सामने आया है, जहां एक किसान की वैध जमीन पर संभाव प्लास्टिक कंपनी द्वारा जबरन घेराबंदी की जा रही है। किसान ने इस मामले में तहसीलदार कार्यालय में लिखित आवेदन देकर न्याय की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, यह भूमि सरकारी भूमि है, जिसे वर्ष 2001 में तत्कालीन जोगी सरकार द्वारा किसान को वैध रूप से आवंटित किया गया था। किसान के पास जमीन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज हैं और वह वर्षों से इस भूमि पर खेती करके अपने परिवार का जीवन-यापन कर रहा है। पूरे गाँव के लोग इस तथ्य से भली-भांति परिचित हैं।
फिर भी आरोप है कि कुछ दलालों और कंपनी के एजेंटों की मिलीभगत से सरकारी भूमि का अवैध सौदा किया गया, जिसमें किसान की जमीन को भी शामिल किया गया। अब कंपनी द्वारा उसी साजिश के तहत भूमि की घेराबंदी की जा रही है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (CKS) ने इस मामले में प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर अवैध घेराबंदी रोकने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और किसान को न्याय दिलाने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो जनहित में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मांग के समर्थन में CKS के कई वरिष्ठ सदस्य और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें जिला उपाध्यक्ष गोविन्द वर्मा, धरसींवा खंड़ संगठन मंत्री महेंद्र वर्मा, मिडिया प्रभारी गजेन्द्र वर्मा, महामंत्री गोविन्द साहू, बेरला खंड़ अध्यक्ष लुकेश्वर साहू, नगर पंचायत कूरा उपाध्यक्ष टिकेन्द देवांगन, JCP के जिला सहसचिव जागेश्वर साहू, जिला सचिव सागर वर्मा, उपाध्यक्ष सुशील वर्मा, पार अध्यक्ष राजकुमार यादव के साथ कट्टर दबंग सेनानी रमेश वर्मा और अन्य कई सेनानी शामिल थे।


