IITian Baba Marriage : नई दिल्ली। प्रयागराज महाकुंभ-2025 में चर्चा में आए IITian बाबा अभय सिंह ने अब शादी कर अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर दी है। उनकी पत्नी प्रतीका हैं, जो मूल रूप से कर्नाटक की रहने वाली और इंजीनियर हैं। अभय सिंह ने सोमवार को झज्जर जाकर अपने पिता कर्ण सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उनकी पत्नी भी उनके साथ थीं। शादी का पहला अनुष्ठान 15 फरवरी को हिमाचल के अघंजर महादेव मंदिर में संपन्न हुआ और 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज के जरिए औपचारिकता पूरी की गई।
IITian बाबा और पत्नी का जीवन
अभय सिंह ने बताया कि वे दोनों अपनी जिंदगी में खुश हैं और फिलहाल साधारण जीवन जी रहे हैं। पत्नी प्रतीका ने कहा कि वे दोनों सनातन यूनिवर्सिटी स्थापित करने की योजना बना रहे हैं, ताकि अध्यात्म और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे सकें। उन्होंने बताया कि वे झज्जर में अपने परिवार से मिलने आए हैं।
अभय सिंह का शिक्षा और करियर
अभय सिंह का जन्म 3 मार्च 1990 को झज्जर के सासरौली गांव में हुआ। शुरुआती पढ़ाई झज्जर से करने के बाद उन्होंने दिल्ली में IIT की कोचिंग ली और फिर IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद उन्होंने डिजाइनिंग में मास्टर डिग्री हासिल की और कुछ समय के लिए कनाडा में एयरोप्लेन बनाने वाली कंपनी में भी काम किया। लॉकडाउन के दौरान वे भारत लौट आए और फोटोग्राफी और अध्यात्म में रुचि लेने लगे।
अध्यात्म की ओर बढ़ते कदम
अभय सिंह ने इंटरव्यू में कहा कि IIT और करियर की पढ़ाई ने उन्हें पैसा कमाना सिखाया, लेकिन जीवन में खुश रहने के लिए अध्यात्म की ओर रुझान जरूरी था। यही वजह थी कि वे धीरे-धीरे महाकुंभ और अन्य धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने लगे। उनके गुरु सोमेश्वर पुरी ने बताया कि अभय महाकुंभ में विभिन्न गुरुओं और साधुओं से मिलकर अनुभव प्राप्त करते रहे।
महाकुंभ और विवाद
2025 में महाकुंभ में जूना अखाड़ा से अभय सिंह को निष्कासित किया गया था। अखाड़ा के संतों ने आरोप लगाया कि अभय ने अपने गुरु के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जो गुरु-शिष्य परंपरा और संन्यास अनुशासन के खिलाफ था। इसके बाद अभय को अखाड़े के आसपास आने पर रोक लगा दी गई थी।
