आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ती लाइफस्टाइल के कारण कम उम्र में ही लोग बीपी, डायबिटीज, पेट की समस्याओं, तनाव और जोड़ों के दर्द जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। खासतौर पर सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और स्किन से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ जाती हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन समस्याओं की सबसे बड़ी वजह गलत दिनचर्या है। आयुर्वेद में स्वस्थ और रोग-मुक्त जीवन के लिए सही लाइफस्टाइल अपनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक की आदतें अगर सही हों, तो इम्यूनिटी मजबूत रहती है और शरीर बीमारियों से बचा रहता है।
आइए जानते हैं आयुर्वेद की वे 5 जरूरी आदतें, जिन्हें अपनाकर आप सर्दियों में खुद को स्वस्थ रख सकते हैं।
1. सही समय पर उठने की आदत
आयुर्वेद के अनुसार, सुबह उठने का सबसे अच्छा समय ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 से 4:30 बजे) माना जाता है। हालांकि, कम से कम सूर्योदय से पहले बिस्तर छोड़ देना चाहिए।
सुबह उठकर शौच आदि से निवृत्त होने के बाद धूप निकलते ही योग, हल्का व्यायाम और प्राणायाम करना सर्दियों में बेहद फायदेमंद होता है। इससे शरीर में गर्माहट बनी रहती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
2. सर्दियों में कैसी हो दिनचर्या
ठंड के मौसम में गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। आयुर्वेद में नहाने से पहले तिल या सरसों के तेल से मालिश को बहुत लाभकारी माना गया है।
इससे स्किन का रूखापन, जोड़ों का दर्द और थकान दूर होती है। मालिश के बाद गुनगुने पानी से स्नान करने पर शरीर तरोताजा महसूस करता है।
3. हेल्दी और समय पर नाश्ता
सुबह का नाश्ता 8 से 9 बजे के बीच करना सबसे बेहतर माना जाता है।
सर्दियों में दूध, दलिया, घी लगी रोटी, पोहा, मूंग दाल का चीला और उपमा जैसी गर्म और पौष्टिक चीजें खानी चाहिए।
इसके साथ अखरोट, बादाम और किशमिश जैसे सूखे मेवे डाइट में शामिल करने से शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है और इम्यूनिटी मजबूत होती है।
4. लंच और डिनर का सही समय
आयुर्वेद के अनुसार, दोपहर 12 से 1 बजे के बीच पाचन अग्नि सबसे मजबूत होती है। इस समय घर का बना ताजा भोजन करना चाहिए।
दोपहर के खाने में दाल, मौसमी सब्जियां, रोटी, चावल, घी और छाछ शामिल करें। सर्दियों में ज्वार, बाजरा और मक्के की रोटियां शरीर को अंदर से मजबूत बनाती हैं।
शाम को 4 से 5 बजे के बीच हल्का नाश्ता कर सकते हैं। वहीं रात का खाना हमेशा हल्का और 6 से 7 बजे तक कर लेना चाहिए।
5. सही समय पर सोना
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए 7–8 घंटे की नींद जरूरी होती है। इसलिए रात में 10 बजे से पहले सो जाना चाहिए।
सर्दियों में देर रात तक मोबाइल या टीवी देखने से शरीर कमजोर होता है और इम्यूनिटी घटती है।
आयुर्वेदिक दिनचर्या के फायदे
नियमित रूप से आयुर्वेदिक दिनचर्या अपनाने से:
- इम्यूनिटी मजबूत होती है
- पेट से जुड़ी बीमारियां धीरे-धीरे खत्म होती हैं
- मानसिक तनाव, थकान और चिड़चिड़ापन कम होता है
- शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
अगर आप भी सर्दियों में खुद को फिट और बीमारियों से दूर रखना चाहते हैं, तो इन आयुर्वेदिक आदतों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में जरूर शामिल करें।
