स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, दंतेवाड़ा में शुक्रवार को रजत जयंती महोत्सव एवं शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक, जिला पंचायत उपाध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, जनपद पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर तथा जिला पंचायत सीईओ सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में जिले के 23 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विधायक ने की नई घोषणा
शिक्षक दिवस पर संबोधित करते हुए विधायक श्री चैतराम अटामी ने कहा कि शिक्षक समाज में गुरु स्वरूप होते हैं, जिनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।
उन्होंने घोषणा की कि दंतेवाड़ा मुख्यालय में नया ऑडिटोरियम बनाया जाएगा।
“गुरु ही वास्तविक मार्गदर्शक”
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुंजाम ने कहा कि नई शिक्षा नीति में हुए सुधारों को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों का दायित्व और भी बढ़ गया है।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने अपने उद्बोधन में कबीर के दोहे का उल्लेख करते हुए गुरु की महिमा का वर्णन किया और कहा कि जिले की 10वीं–12वीं परीक्षा के उत्साहजनक परिणामों का श्रेय शिक्षकों को जाता है। उन्होंने शिक्षकों से नई तकनीक अपनाकर विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने की अपील की।
शिक्षकों की मेहनत से जिले को पहचान
जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा ने कहा कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, उसका श्रेय माता-पिता के साथ-साथ अपने शिक्षकों को देते हैं। उन्होंने कहा कि जिले के छात्रों द्वारा नीट और आईआईटी जैसी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन शिक्षकों की मेहनत का परिणाम है।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री रमेश गावड़े, सहायक संचालक श्रीमती अहिल्या ठाकुर, डीएमसी श्री हरेष गौतम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
