राष्ट्रीय स्तर का टूरिज्म एक्सचेंज 2027 रायपुर में होगा आयोजित
भारत में पर्यटन विकास, नेटवर्किंग और व्यवसायिक अवसरों को बढ़ावा देने वाले प्रमुख संगठन टूरिज्म इंडिया अलायंस द्वारा आयोजित टूरिज्म एक्सचेंज 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने सक्रिय सहभागिता की। यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का आयोजन 8 से 10 जनवरी तक मेफेयर पाम बीच रिज़ॉर्ट एंड स्पा, गोपालपुर-ऑन-सी (ओडिशा) में संपन्न हुआ।
इस प्रतिष्ठित आयोजन में भारत और विदेशों से 300 से अधिक प्रतिनिधियों तथा 30 से ज्यादा प्रदर्शकों ने भाग लिया। राज्य पर्यटन बोर्डों, ट्रैवल कंपनियों, होटल ऑपरेटर्स और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों की मौजूदगी ने टूरिज्म एक्सचेंज को देश के सबसे प्रभावशाली पर्यटन प्लेटफार्मों में से एक के रूप में स्थापित किया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन विशेषज्ञों ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे उभरते पर्यटन स्थलों की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। चर्चाओं में छत्तीसगढ़ के सतत पर्यटन विकास को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है तथा एक समर्पित होमस्टे नीति भी लागू की गई है।
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की डीजीएम सुश्री पूनम शर्मा ने कहा कि टूरिज्म एक्सचेंज जैसे मंच सतत और समावेशी पर्यटन विकास पर सार्थक संवाद के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ नीतिगत समर्थन और जिम्मेदार पर्यटन पहलों के माध्यम से अपने पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है, और ऐसे राष्ट्रीय मंच इन प्रयासों को व्यापक पहचान दिलाने में सहायक हैं।
टूरिज्म एक्सचेंज 2026 की सफलता के बाद टूरिज्म इंडिया अलायंस ने घोषणा की कि टूरिज्म एक्सचेंज 2027 का आयोजन 7 से 9 जनवरी 2027 तक रायपुर, छत्तीसगढ़ में किया जाएगा। इससे देशभर में उभरते पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए प्लेटफॉर्म के फोकस को और मजबूती मिलेगी।
टूरिज्म एक्सचेंज 2026 ने सहयोग, संवाद और व्यापार विकास के लिए एक मजबूत मंच प्रदान किया, जहां राज्य पर्यटन बोर्ड, वैश्विक पर्यटन संगठन, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और ट्रैवल कंपनियां एक साथ आईं। इस संस्करण में डेस्टिनेशन विविधीकरण, स्थिरता, नवाचार और कम ज्ञात लेकिन उच्च संभावनाओं वाले क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
इस राष्ट्रीय महत्व के आयोजन को पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार एवं अतुल्य भारत का समर्थन प्राप्त था, जिसने इसके उद्योगगत महत्व को और रेखांकित किया।
