रायपुर। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर के मेहनतकश श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दीदी ई-रिक्शा योजना और निर्माण श्रमिक सहायता योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपए कर दी जाएगी। साथ ही, पंजीकृत श्रमिकों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच और इलाज का खर्च अब पूरी तरह से श्रम विभाग उठाएगा।
सीएम साय का संदेश
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के निर्माण और विकास में श्रमिकों की भूमिका अतुलनीय है। श्रमवीर समाज प्रदेश की रीढ़ हैं और उनके योगदान से ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने श्रमिकों के परिश्रम की सराहना करते हुए उन्हें भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई भी दी।
सरकार हर कदम पर श्रमिकों के साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आवास और औजारों की सुविधा सहित सभी क्षेत्रों में श्रमिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने श्रमिकों की मेहनत और योगदान को रजत जयंती के अवसर पर नमन किया।

65 करोड़ से अधिक की सहायता राशि सीधे खातों में
सीएम साय ने बताया कि 1 लाख 84 हजार 220 श्रमिकों के खातों में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 65 करोड़ 16 लाख 61 हजार रुपये से अधिक की राशि सीधे DBT के माध्यम से अंतरित की गई। इसमें दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, निर्माण श्रमिक सुरक्षा उपकरण योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना और छात्रवृत्ति योजनाएँ शामिल हैं।
ई-श्रम पोर्टल से मिली राहत
सीएम साय ने बताया कि ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से अब अपंजीकृत श्रमिकों के परिवार को भी कामस्थल पर मृत्यु होने पर एक लाख रुपये की सहायता राशि मिलती है। उन्होंने ‘श्रमेव जयते’ वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से शिकायतों के त्वरित समाधान का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही, बच्चों के लिए आईआईटी, जेईई, नीट और सीए जैसी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग और ‘ट्राइबल हॉस्टल’ की सीटें बढ़ाने की भी घोषणाएँ की गई।
श्रम मंत्री का बयान
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश के 1.84 लाख श्रमिकों के खातों में 65.16 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी को पूरी निष्ठा के साथ पूरा कर रही है।
सम्मेलन में उपस्थित गणमान्य नागरिक
कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त चौबे, अन्य अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या उपस्थित थी।
