CG : बिलासपुर। शहर के मोपका क्षेत्र में स्थित सबसे बड़े और लगभग 25 साल पुराने बिजली सब स्टेशन में मंगलवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि सब स्टेशन से उठती लपटें दूर-दूर तक दिखाई दीं, जबकि घना काला धुआं पूरे इलाके में फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया।
मोपका सब स्टेशन की कुल क्षमता करीब 480 मेगावॉट है, जिसमें से लगभग 320 मेगावॉट बिजली शहर के आधे हिस्से को सप्लाई की जाती है। आग की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा कारणों से आधे शहर की बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई, जिससे कई इलाकों में अचानक ब्लैकआउट की स्थिति बन गई।
अचानक अंधेरे में डूबा शहर, आमजन परेशान
बिजली गुल होते ही घरों, दुकानों और व्यावसायिक क्षेत्रों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों को गर्मी और अंधेरे दोनों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल बंद होने से यातायात भी प्रभावित हुआ, वहीं जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ा।
आग के कारणों की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन बिजली विभाग और प्रशासन की विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।
12 सब स्टेशनों की सप्लाई ठप
मोपका सब स्टेशन से शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के कई सब स्टेशनों को बिजली सप्लाई की जाती है। आग लगने के बाद सरकंडा, चाटीडीह, सीपत, खमरिया समेत करीब 10 से 12 सब स्टेशनों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वैकल्पिक सब स्टेशनों से कनेक्शन जोड़कर जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल दमकल विभाग आग पर काबू पाने में जुटा हुआ है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
