नई दिल्ली। हिंदू धर्म में अमरनाथ यात्रा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि बाबा बर्फानी के दर्शन करने से हजार गुना पुण्य फल की प्राप्ति होती है और जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। हर शिव भक्त अपने जीवन में एक बार अमरनाथ यात्रा करने की इच्छा रखता है। कठिन यात्रा मार्ग होने के बावजूद हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुँचते हैं।
अमरनाथ गुफा की खोज किसने की थी?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सबसे पहले महर्षि भृगु ने अमरनाथ गुफा के दर्शन किए थे। ऐसा कहा जाता है कि जब कश्मीर घाटी जलमग्न थी, तब महर्षि कश्यप ने नदियों और नालों के जरिये जल निकासी करवाई थी। उसी समय महर्षि भृगु हिमालय की ओर तपस्या के लिए एकांत स्थान की तलाश में निकले और उन्हें बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा के दर्शन हुए।

इसी घटना के बाद से अमरनाथ यात्रा की परंपरा की शुरुआत मानी जाती है। इस गुफा में प्राकृतिक रूप से छत से टपकते पानी से बर्फ का शिवलिंग बनता है, जो चंद्रमा के घटने-बढ़ने के साथ आकार में भी बदलता है। इसी कारण बाबा अमरनाथ को ‘बाबा बर्फानी’ कहा जाता है।
बूटा मलिक से जुड़ी दूसरी मान्यता
अमरनाथ गुफा से जुड़ी एक और मान्यता के अनुसार, वर्ष 1850 में एक मुस्लिम गडरिया बूटा मलिक ने इस गुफा की खोज की थी। कहा जाता है कि बूटा मलिक अपनी भेड़ें चराते हुए गुफा के समीप पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात एक साधु से हुई। साधु ने उसे एक पात्र दिया जो देखने में कोयले से भरा था, लेकिन बाद में बूटा मलिक ने पाया कि वह पात्र सोने से भरा हुआ था। साधु का आभार प्रकट करने के लिए जब वह वापस गया, तब उसे अमरनाथ गुफा में शिवलिंग के दर्शन हुए।

अमरनाथ यात्रा 2025 की तारीखें
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 25 जुलाई 2025 से शुरू होगी और 19 अगस्त 2025 को पूर्ण होगी। भक्त 25 जुलाई से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अपनी यात्रा आरंभ कर सकते हैं।
यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन 14 अप्रैल 2025 से शुरू हो चुका है। विशेष बात यह है कि गर्भवती महिलाएं, 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक और 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों को अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण की अनुमति नहीं दी गई है, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

निष्कर्ष
अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, साहस और श्रद्धा का प्रतीक है। चाहे महर्षि भृगु की कथा हो या बूटा मलिक की मान्यता, बाबा बर्फानी के दर्शनों का महत्व समय के साथ और भी बढ़ता चला गया है। अगर आप भी इस बार अमरनाथ यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो समय पर पंजीकरण कर अपनी तैयारी शुरू कर दें।
