All Names of Hanuman ji : भगवान हनुमान हिंदू धर्म में शक्ति, भक्ति, साहस और निष्ठा के प्रतीक माने जाते हैं। वे श्रीराम के परम भक्त, संकटमोचक और कलियुग के जागृत देवता के रूप में पूजित हैं। उनके अनेक नाम हैं, और प्रत्येक नाम उनके व्यक्तित्व, गुणों और लीलाओं का परिचायक है। आइए हनुमान जी के प्रमुख नामों और उनके अर्थ को विस्तार से समझते हैं।
- हनुमान
यह उनका सबसे प्रसिद्ध नाम है। कहा जाता है कि बचपन में सूर्य को फल समझकर निगलने के प्रयास में इंद्र के वज्र से उनकी ठोड़ी (हनु) पर चोट लगी थी, इसी कारण उनका नाम “हनुमान” पड़ा। - आंजनेय
यह नाम उनकी माता अंजना के नाम पर पड़ा। आंजनेय का अर्थ है – अंजना का पुत्र। - पवनपुत्र
हनुमान जी को पवन देव का पुत्र माना जाता है। पवनपुत्र नाम उनके दिव्य जन्म और अद्भुत शक्ति का प्रतीक है। - मारुति
यह नाम भी वायु देव (मरुत) से संबंधित है। मरुत के पुत्र होने के कारण वे मारुति कहलाए। - बजरंगबली
बजरंग का अर्थ है वज्र के समान कठोर शरीर वाला और बली का अर्थ है बलशाली। यह नाम उनकी अद्भुत शक्ति को दर्शाता है। - संकटमोचन
जो अपने भक्तों के सभी संकट दूर करें, उन्हें संकटमोचन कहा जाता है। हनुमान जी को यह नाम इसलिए मिला क्योंकि वे हर संकट में रक्षा करते हैं। - रामदूत
हनुमान जी श्रीराम के दूत के रूप में लंका गए थे। इसलिए उन्हें रामदूत कहा जाता है। - केसरीनंदन
हनुमान जी के पिता का नाम केसरी था। इसलिए वे केसरीनंदन कहलाए। - महावीर
उनकी असाधारण वीरता और पराक्रम के कारण उन्हें महावीर कहा जाता है। - कपीश्वर
कपि का अर्थ है वानर और ईश्वर का अर्थ है स्वामी। वानरों के स्वामी होने के कारण वे कपीश्वर कहलाए। - अष्टसिद्धि प्रदाता
हनुमान जी को अष्ट सिद्धियों और नव निधियों का दाता माना गया है। यह नाम उनके दिव्य सामर्थ्य को दर्शाता है। - भक्तवत्सल
जो अपने भक्तों से स्नेह रखते हैं और उनकी रक्षा करते हैं, वे भक्तवत्सल कहलाते हैं। - चिरंजीवी
हनुमान जी को अमरत्व का वरदान प्राप्त है। इसलिए वे चिरंजीवी कहे जाते हैं। - महाकाय
जिनका शरीर अत्यंत विशाल है। समुद्र लांघते समय उन्होंने अपना विराट रूप धारण किया था। - लंकेशभंजन
लंका में जाकर रावण की सेना का विनाश करने और लंका दहन करने के कारण यह नाम पड़ा। - शिवावतार
कई पुराणों में हनुमान जी को भगवान शिव का अवतार माना गया है। - दीनबंधु
जो दीन और दुखियों के सहायक हों, वे दीनबंधु कहलाते हैं।
हनुमान जी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
हनुमान जी केवल शक्ति के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे भक्ति, सेवा और समर्पण के आदर्श भी हैं। उन्होंने अपने जीवन में अहंकार को त्यागकर केवल प्रभु श्रीराम की सेवा को ही सर्वोपरि माना। रामायण में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है — चाहे वह सीता माता की खोज हो, संजीवनी बूटी लाना हो या लंका दहन करना।
हनुमान जी की उपासना के लाभ
- भय और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा
- आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि
- शनि दोष और ग्रह बाधाओं से मुक्ति
- मानसिक शांति और स्थिरता
- कठिन परिस्थितियों में मार्गदर्शन
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ विशेष रूप से कल्याणकारी माना जाता है। मंगलवार और शनिवार को उनकी पूजा करने की परंपरा प्रचलित है।
भगवान हनुमान जी के प्रत्येक नाम में उनकी शक्ति, भक्ति और करुणा की झलक मिलती है। वे केवल एक देवता नहीं, बल्कि आदर्श सेवक, सच्चे मित्र और संकट के समय सच्चे रक्षक हैं। उनके नामों का स्मरण मात्र से मन में साहस, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
