📍 वेटिकन सिटी | 23 अप्रैल 2025
88 वर्षीय पोप फ्रांसिस का निधन अब पूरी दुनिया के लिए एक भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण बन गया है। 12 वर्षों तक रोमन कैथोलिक चर्च के आध्यात्मिक प्रमुख रहे पोप फ्रांसिस ने जेमेली अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन के साथ ही एक युग का अंत हो गया—और अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नए पोप का चुनाव कैसे होगा?
⚰️ पोप की मृत्यु की पुष्टि कैसे होती है?
पोप की मृत्यु की पुष्टि कैमरलेन्गो (वर्तमान में कार्डिनल केविन फैरेल) द्वारा की जाती है। वे तीन बार मृतक पोप का नाम पुकारते हैं—और कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्हें आधिकारिक रूप से मृत घोषित किया जाता है।
💍 अंगूठी का टूटना: शासन के अंत का प्रतीक
पोप की अंगूठी जिसे “Ring of the Fisherman” कहा जाता है, उसे हथौड़े से तोड़ा जाता है। यह इस बात का प्रतीक होता है कि पोप का आधिकारिक कार्यकाल समाप्त हो गया है। इसके बाद उनके चैपल को सील कर दिया जाता है।
🕊️ नोवेन्डियाले: 9 दिन का शोक
पोप की मृत्यु के बाद पूरे चर्च में 9 दिन का शोक (Novemdiales) मनाया जाता है। इस दौरान पोप के पार्थिव शरीर को सेंट पीटर बेसिलिका में सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा जाता है।
🕯️ क्या होता है पोप का शव संरक्षित?
परंपरा के अनुसार, पोप के पार्थिव शरीर को विशेष विधि से संरक्षित किया जाता है। पुराने समय में तो उनके अंगों को निकालकर अलग-अलग स्थानों पर भी रखा जाता था।
🗳️ काले और सफेद धुएं से होता है फैसला
नए पोप का चुनाव कॉन्क्लेव नामक प्रक्रिया से होता है। इसमें 222 कार्डिनल्स में से 120 वोटिंग के योग्य होते हैं। सिस्टीन चैपल में बंद दरवाजों के अंदर, ये कार्डिनल्स वोट डालते हैं।
- अगर पोप नहीं चुना गया, तो काला धुआं निकाला जाता है।
- अगर दो-तिहाई बहुमत से नया पोप चुन लिया गया, तो सिस्टीन चैपल की चिमनी से सफेद धुआं निकलता है—जिसका अर्थ है “हैबेमस पापम” यानी “हमें पोप मिल गया है”।
📖 पोप का पद कब और कैसे शुरू हुआ?
रोमन कैथोलिक परंपरा के अनुसार, पहला पोप सेंट पीटर थे—जो यीशु मसीह के 12 प्रमुख शिष्यों में से एक थे। उनके बाद से यह परंपरा अनवरत जारी है। अब तक 266 पोप चुने जा चुके हैं।
🛐 कैथोलिकों के लिए क्या मायने रखता है पोप?
पोप केवल चर्च के मुखिया नहीं होते, वे दुनिया भर के 1.3 अरब कैथोलिकों के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शक भी होते हैं। वे शांति, करुणा और न्याय के प्रतीक माने जाते हैं।
📌 निष्कर्ष:
पोप फ्रांसिस का जाना केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि एक पूरी आध्यात्मिक विरासत का बदलाव है। अब पूरी दुनिया की नजरें सिस्टीन चैपल की चिमनी पर होंगी—जहां से निकलने वाला सफेद धुआं इतिहास रचेगा।