रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज महतारी वंदन योजना को लेकर सदन में तीखी बहस हुई। विधायक उमेश पटेल ने प्रश्नकाल के दौरान योजना के लाभार्थियों की संख्या में कमी और फर्जी पंजीकरण को लेकर सरकार से सवाल किए।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब में बताया कि योजना के तहत 20 फरवरी 2024 तक 70,27,154 महिलाओं का पंजीयन हुआ था, लेकिन जांच के बाद 69,63,621 महिलाएं पात्र पाई गईं। पात्रता में आई कमी का कारण मृत्यु, दोहरी पंजीकरण और अपात्रता को बताया गया। मंत्री ने स्वीकार किया कि बस्तर जिले में फर्जी लाभ लेने का मामला सामने आया है, जिस पर कार्रवाई की गई है।
विपक्ष ने उठाए सवाल, सरकार के जवाब से असंतोष
विधायक उमेश पटेल ने पूछा कि योजना की जांच कब और कितनी बार कराई गई? इस पर मंत्री ने कहा कि समय-समय पर जांच होती रहती है और जांच की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
जब विधायक उमेश पटेल ने पूछा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को मिलने वाली पेंशन में कटौती क्यों की जा रही है, तो मंत्री ने बताया कि महिलाओं को अंतर की राशि दी जा रही है। इस पर विपक्ष ने सरकार पर महिलाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया और पूरी राशि देने की मांग की।
सदन में हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट
सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई। सत्ता पक्ष के जवाबों से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष ने सरकार पर महिलाओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
