छत्तीसगढ़ के दुर्ग में स्थित पंडित रविशंकर स्टेडियम जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का रूप लेगा। बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने इस स्टेडियम को अगले 33 सालों के लिए लीज पर लिया है। इसके बाद इस स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा। यह छत्तीसगढ़ के खेल जगत में एक बड़ा बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर होगा कायाकल्प
- बीसीसीआई ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन के माध्यम से जिला प्रशासन को स्टेडियम के विकास का प्रस्ताव दिया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
- स्टेडियम में टी-20, रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी, और अन्य प्रमुख टूर्नामेंटों के आयोजन की तैयारी की जाएगी।
- स्टेडियम की मौजूदा दर्शक क्षमता 40,000 है, जिसे बढ़ाया जाएगा।
- इसके अलावा, आसपास के क्षेत्र को भी खेल गतिविधियों के लिए विकसित किया जाएगा।
कलेक्टर के निर्देश
जिला कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने निर्देश दिए हैं कि स्टेडियम में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियां या गैर-खेलकूद कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएं।
- जनवरी में यहां प्रदेश स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित होनी है। इसके लिए जरूरी निर्माण कार्य जनवरी से पहले पूरा किया जाएगा।
दूसरे खेलों को भी मिलेगा बढ़ावा
स्टेडियम के बाहरी क्षेत्रों में बास्केटबॉल, फुटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और स्वीमिंग जैसे खेलों को भी प्रमोट किया जाएगा। यह स्टेडियम रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के बाद छत्तीसगढ़ का दूसरा अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनेगा।
विधायक का बयान
विधायक गजेंद्र यादव ने कहा है कि:
- स्टेडियम के आस-पास का क्षेत्र “खेल गांव” के रूप में विकसित किया जाएगा।
- राजेंद्र प्रसाद चौक से एसपी बंगला चौक तक के सरकारी दफ्तरों को अन्यत्र शिफ्ट किया जाएगा।
दुर्ग को मिलेगा आईटी हब
- अगले 6 महीनों में दुर्ग में आईटी पार्क का निर्माण शुरू होगा।
- यहां 100 से अधिक आईटी कंपनियां स्थापित होंगी, जो हजारों लोगों को रोजगार देंगी।
- आईआईटी भिलाई इस परियोजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
- इसके साथ ही नालंदा परिसर का निर्माण हो रहा है, जहां 500 से अधिक छात्रों को फ्री कोचिंग मिलेगी।
निष्कर्ष
दुर्ग का पंडित रविशंकर स्टेडियम न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश में भी खेल गतिविधियों के लिए एक बड़ा केंद्र बनेगा। बीसीसीआई की इस पहल से राज्य के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। साथ ही, आईटी हब और नालंदा परिसर जैसी योजनाएं दुर्ग के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।