सारंगढ़ जिले के जनजातीय बाहुल्य ग्राम बैगनडीह (सालर) के राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित ढोकरा-बेलमेटल शिल्पकारों ने आज राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर कलाकारों ने पारंपरिक ढोकरा शिल्प कला से निर्मित बेल मेटल की आकर्षक मूर्ति राज्यपाल को भेंट की।
राज्यपाल ने शिल्पकारों को बधाई देते हुए कहा कि ढोकरा शिल्प जैसी पारंपरिक जनजातीय कलाएं भारत की सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कलाकारों की सृजनात्मकता और समर्पण की सराहना करते हुए आश्वस्त किया कि ऐसे प्रतिभावान शिल्पकारों को प्रोत्साहन देने और उनकी कला को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि ग्राम बैगनडीह (सालर) के ढोकरा शिल्पी मीन केतन बघेल को वर्ष 2018 में तथा उनकी धर्मपत्नी हीराबाई बघेल को वर्ष 2023 में उत्कृष्ट ढोकरा-बेलमेटल शिल्प कार्य के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। दोनों कलाकारों ने इस पारंपरिक कला की विशिष्ट पहचान स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सौजन्य भेंट के दौरान पूर्व विधायक केराबाई मनहर सहित अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे।
