World First Budget : नई दिल्ली। देश की नजरें एक बार फिर केंद्रीय बजट पर टिकी हैं। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर दो चरणों में 2 अप्रैल तक चलेगा। इस बीच 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। यह उनके कार्यकाल का 9वां बजट होगा। बजट से पहले वित्त मंत्रालय में हलवा सेरेमनी के साथ ‘लॉक-इन प्रक्रिया’ भी शुरू होने जा रही है, जो बजट तैयारियों का अहम हिस्सा मानी जाती है।
हर साल की तरह इस बार भी आम जनता, खासकर मध्यम वर्ग, को बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। महंगाई के दबाव के बीच लोग टैक्स राहत और नई योजनाओं की आस लगाए बैठे हैं। लेकिन बजट की घोषणाओं से पहले यह जानना भी दिलचस्प है कि आखिर बजट प्रणाली की शुरुआत कहां से हुई और भारत में पहला बजट कब पेश किया गया।
‘बजट’ शब्द की उत्पत्ति कहां से हुई
‘बजट’ शब्द का इतिहास काफी पुराना है। इसकी जड़ें लैटिन भाषा के शब्द ‘बुल्गा’ से जुड़ी मानी जाती हैं, जिसका अर्थ चमड़े का थैला होता है। बाद में यह शब्द फ्रांसीसी भाषा में ‘बुजेट’ बना और अंग्रेजी में आते-आते ‘बोगेट’ से बदलकर ‘बजट’ कहलाने लगा। समय के साथ यह शब्द सरकार के आय-व्यय के वार्षिक लेखे का प्रतीक बन गया।
दुनिया का पहला बजट कहां पेश हुआ
दुनिया में बजट प्रणाली की औपचारिक शुरुआत का श्रेय इंग्लैंड को दिया जाता है। उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, इंग्लैंड में वर्ष 1760 से हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बजट पेश करने की परंपरा शुरू हुई। यहीं से बजट की अवधारणा अन्य देशों में फैली और धीरे-धीरे यह शासन व्यवस्था का अहम हिस्सा बन गई।
भारत में कब पेश हुआ पहला बजट
भारत में बजट की शुरुआत आज़ादी से काफी पहले हो चुकी थी। 1857 के विद्रोह के बाद ब्रिटिश सरकार ने भारत की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन को जिम्मेदारी सौंपी। जेम्स विल्सन ने 7 अप्रैल 1860 को भारत का पहला केंद्रीय बजट पेश किया।
वहीं, आज़ादी के बाद स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को प्रस्तुत किया गया था। इसे देश के पहले वित्त मंत्री आर.के. षणमुगम चेट्टी ने संसद में पेश किया था।
28 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर दो चरणों में आयोजित होगा।
- पहला चरण: 28 जनवरी से 13 फरवरी
- दूसरा चरण: 9 मार्च से 2 अप्रैल
इस दौरान करीब 30 बैठकों के होने की संभावना है। सत्र की औपचारिक शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त संबोधन से होगी। इसके बाद 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा।
