इजराइल के 8 बड़े टारगेट लॉक, सरकारी विमान ने छोड़ा हवाई क्षेत्र
ईरान और इजराइल के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान ने इजराइल को खुली चेतावनी देते हुए दावा किया है कि उसने इजराइल के आठ प्रमुख ठिकानों को लॉक कर लिया है और किसी भी हमले की स्थिति में हाइपरसोनिक मिसाइलों से जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि यदि इजराइल की ओर से कोई सैन्य कदम उठाया गया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इसी बीच फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स के हवाले से खबर सामने आई है कि इजराइल सरकार का आधिकारिक विमान “विंग ऑफ ज़ायन” (Wing of Zion) इजराइली हवाई क्षेत्र छोड़कर मेडिटेरियन सागर की ओर रवाना हो गया है। यह विमान आमतौर पर इजराइल के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में उपयोग किया जाता है। विमान ने बियर शेबा स्थित नेवातिम एयरबेस से उड़ान भरकर क्रीट की ओर रुख किया।
जैसे ही यह विमान इजराइली हवाई क्षेत्र से बाहर गया, अटकलें तेज हो गईं कि क्या यह कदम ईरान से संभावित जवाबी हमले की आशंका को देखते हुए उठाया गया है। हालांकि इजराइली अधिकारियों ने इसे आपातकालीन स्थानांतरण से इनकार करते हुए नियमित प्रशिक्षण मिशन बताया है।
अमेरिका ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंध
इस बीच अमेरिका ने ईरान की सत्तावादी सरकार के खिलाफ जारी प्रदर्शनों को कुचलने के आरोप में नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च परिषद के सचिव समेत एक गुप्त बैंकिंग नेटवर्क से जुड़े 18 व्यक्तियों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरानी जनता की स्वतंत्रता और न्याय की मांग का समर्थन करता है। ये प्रतिबंध अमेरिकी संपत्तियों और कारोबार तक पहुंच को रोकते हैं, हालांकि इन्हें बड़े स्तर पर प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है।
ईरान का हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद
ईरान के न्याय मंत्री अमीन हुसैन रहीमी ने कहा कि 8 जनवरी से हालात पूर्ण युद्ध जैसे बने हुए हैं और इसमें शामिल सभी पक्ष जिम्मेदार हैं। इसी तनाव के बीच ईरान ने गुरुवार तड़के बिना किसी पूर्व सूचना के कई घंटों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। इससे पहले भी इजराइल से जुड़े संघर्षों और जून में चले 12 दिनों के युद्ध के दौरान ऐसा किया जा चुका है।
मध्य पूर्व में बढ़ते इन घटनाक्रमों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है, जबकि क्षेत्र में किसी बड़े सैन्य टकराव की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा।
