यात्रियों, वाहन चालकों एवं फील्ड स्टॉफ को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
सीपीआर का लाइव-डेमो, मेडिकल इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार की दी गई जानकारी
रायपुर, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता अभियान एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज राष्ट्रीय राजमार्ग–53 पर सड़क दुर्घटनाओं एवं आपात स्थितियों से निपटने के लिए एक लाइव मॉक-ड्रिल का आयोजन किया गया।
मॉक-ड्रिल के दौरान यात्रियों, वाहन चालकों तथा एनएचएआई के फील्ड स्टॉफ को विभिन्न आपात परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों द्वारा सड़क दुर्घटना एवं मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान करने के तरीकों का प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान हार्ट अटैक की स्थिति में सीपीआर देने की सही एवं वैज्ञानिक तकनीक का लाइव-डेमो प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही अचानक बेहोशी, अत्यधिक रक्तस्राव, सांस लेने में कठिनाई जैसी मेडिकल आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार के उपायों की जानकारी भी दी गई। मॉक-ड्रिल में वाहन की तकनीकी खराबी और सड़क दुर्घटना के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों पर भी विस्तार से समझाया गया।
विशेषज्ञों ने दुर्घटना के बाद यात्रियों को सुरक्षित तरीके से वाहन से बाहर निकालने, संयम बनाए रखने तथा आवश्यक सावधानियों का पालन करने के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
कोहरे एवं रात्रि यात्रा में सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत एनएचएआई द्वारा सर्दियों के मौसम में कोहरे एवं रात्रि यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए वाहनों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जा रहे हैं। साथ ही वाहन चालकों एवं यात्रियों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की जा रही है।

इस मॉक-ड्रिल के माध्यम से सड़क उपयोगकर्ताओं को सतर्क, जागरूक और आपात स्थितियों में त्वरित व सही निर्णय लेने के लिए तैयार करने पर विशेष बल दिया गया।
