नईदिल्ली। भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बुधवार सुबह 8:54 बजे अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (LVM3-M6) के जरिए अमेरिकी कंपनी AST SpaceMobile के नेक्स्ट-जेनरेशन कम्युनिकेशन सैटेलाइट Bluebird Block-2 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया।
यह सैटेलाइट ISRO के भारी-भरकम रॉकेट LVM3 के माध्यम से लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित किया गया। तकनीकी क्षमता के साथ-साथ व्यावसायिक दृष्टि से भी यह मिशन ISRO के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
कमर्शियल लॉन्च में ISRO का नया रिकॉर्ड
यह मिशन ISRO की व्यावसायिक इकाई NewSpace India Limited (NSIL) और AST SpaceMobile के बीच हुए समझौते के तहत किया गया। करीब 6,100 किलोग्राम वजनी Bluebird Block-2 अब तक LVM3 रॉकेट द्वारा LEO में पहुंचाया गया सबसे भारी कमर्शियल पेलोड है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड CMS-03 सैटेलाइट के नाम था, जिसे 2 नवंबर को लॉन्च किया गया था और जिसका वजन करीब 4,400 किलोग्राम था।
क्या है Bluebird Block-2 सैटेलाइट?
Bluebird Block-2, जिसे AST SpaceMobile सैटेलाइट भी कहा जाता है, एक लो-अर्थ ऑर्बिट कम्युनिकेशन सैटेलाइट है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में आम स्मार्टफोन को सीधे सैटेलाइट से 4G/5G हाई-स्पीड सेल्युलर ब्रॉडबैंड उपलब्ध कराना है। इसके लिए किसी अतिरिक्त एंटीना या विशेष डिवाइस की जरूरत नहीं होगी।
सैटेलाइट से सीधे मोबाइल कनेक्टिविटी
यह मिशन एक ग्लोबल LEO कॉन्स्टेलेशन का हिस्सा है, जिसके जरिए सैटेलाइट से सीधे मोबाइल कनेक्टिविटी दी जाएगी। इसके माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में 4G और 5G वॉयस कॉल, वीडियो कॉल, मैसेजिंग, स्ट्रीमिंग और डेटा सेवाएं संभव हो सकेंगी।
बिना टावर और फाइबर, सीधे स्पेस से इंटरनेट
Bluebird Block-2 को दुनिया का सबसे बड़ा कमर्शियल कम्युनिकेशन सैटेलाइट माना जा रहा है, जिसका लक्ष्य बिना मोबाइल टावर या फाइबर नेटवर्क के सीधे अंतरिक्ष से स्टैंडर्ड स्मार्टफोन को हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराना है।
यह मिशन न केवल सैटेलाइट कम्युनिकेशन के भविष्य को नई दिशा देता है, बल्कि भारत को वैश्विक स्पेस-कमर्शियल मार्केट में और मजबूत स्थिति में खड़ा करता है।
