ICC Media Rights: मुंबई। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को T20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक दो महीने पहले करारा झटका लगा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज और डिज्नी स्टार की जॉइंट वेंचर JioStar ने अपनी चार साल की मीडिया राइट्स डील के बाकी दो साल (2026-27) से पीछे हटने का फैसला किया है। कंपनी ने वित्तीय नुकसान का हवाला देते हुए ICC को औपचारिक नोटिस भेजा है, जिससे ICC को अब नए ब्रॉडकास्टर की तलाश तेज करनी पड़ रही है। यह डील मूल्यांकन के हिसाब से करीब 2,700 करोड़ रुपये की थी, जो ICC के राजस्व का बड़ा हिस्सा है।

JioStar ने अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल्स में खुलासा किया कि 2024-25 में स्पोर्ट्स कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़े नुकसान के प्रोविजन को दोगुना कर 25,760 करोड़ रुपये कर दिया गया, जो पिछले साल के 12,319 करोड़ से 108% ज्यादा है। स्टार इंडिया ने 2024 में 12,548 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया, जो मुख्य रूप से ICC डील के कारण था। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी बोझ बढ़ा दिया, जिससे कंपनी का कुल खर्च 3.3 बिलियन डॉलर (करीब 27,000 करोड़) तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि कम व्यूअरशिप, खासकर 2024 T20 वर्ल्ड कप (USA-वेस्टइंडीज) में टाइमिंग की समस्या से राजस्व प्रभावित हुआ।

ICC ने तुरंत 2026-29 साइकिल के लिए नई मीडिया राइट्स बिक्री प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें करीब 2.4 बिलियन डॉलर (18,000 करोड़ रुपये) की मांग की गई है। यह पिछली साइकिल (2024-27, 3 बिलियन डॉलर) से कम है, लेकिन फिर भी चुनौतीपूर्ण। ICC ने Sony Pictures Networks India (SPNI), Netflix और Amazon Prime Video से संपर्क किया, लेकिन इनमें से किसी ने भी अभी ठोस रुचि नहीं दिखाई। Sony कीमत को बहुत ज्यादा बता रही है, जबकि Netflix भारतीय क्रिकेट से दूर रहना चाहती है और Amazon की भागीदारी सीमित रही है। अगर नया पार्टनर नहीं मिला तो JioStar को 2027 तक डील पूरी करनी पड़ेगी।

JioStar के Viacom18 मर्जर से भारतीय स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग में डुओपॉली बन गई है, जिससे ICC जैसे राइट्स होल्डर्स के विकल्प सीमित हो गए। भारत में क्रिकेट की विशाल ऑडियंस (85% स्पोर्ट्स व्यूअरशिप) के बावजूद बढ़ते खर्च और कम मार्जिन ने ब्रॉडकास्टर्स को सतर्क कर दिया है। ICC के चेयरमैन जे पी रिचर्डसन ने कहा कि वे मजबूत दर्शक आधार पर भरोसा कर रहे हैं, लेकिन समय कम है। फरवरी 2026 में शुरू हो रहे T20 वर्ल्ड कप (भारत-श्रीलंका होस्ट) के साथ-साथ 2026 U-19 वर्ल्ड कप और 2027 ODI वर्ल्ड कप भी प्रभावित हो सकते हैं। यह संकट ICC के भविष्य के राजस्व मॉडल पर सवाल खड़े कर रहा है।
