रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने आज रायपुर स्थित नालंदा परिसर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे युवाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, सुझावों और अनुभवों को सुना। साथ ही उन्होंने परिसर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
वित्तमंत्री ने कहा कि नालंदा परिसर अब केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि जिस सोच और विजन के साथ इस परिसर की शुरुआत की गई थी, आज उसे सफल होते देख गर्व और संतोष होता है।
ओपी चौधरी ने परिसर की सुविधाओं की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के लिए और अधिक संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि युवा समाज की सबसे बड़ी पूंजी हैं और उनके मार्गदर्शन तथा संसाधनों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। नालंदा परिसर जैसी संस्थाएँ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवाओं को नई दिशा दे रही हैं।
इस दौरान वित्तमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी के तरीकों, अध्ययन सामग्री, उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यकताओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और समय प्रबंधन जैसे कौशलों का विकास भी जरूरी है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने की बात कही कि शासन ऐसे शिक्षा केंद्रों में समान अवसर और आधुनिक संसाधन प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य करेगा।
नालंदा परिसर के प्रबंधन और शिक्षकों ने वित्तमंत्री को व्यवस्थाओं, संसाधनों और विद्यार्थियों की गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। वित्तमंत्री ने पुस्तकालय, डिजिटल अध्ययन सामग्री और उन्नत सुविधाओं को और सशक्त बनाने पर जोर दिया। इस मौके पर विद्यार्थियों ने भी अपनी तैयारी संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए और सहायता की मांग रखी।
ओपी चौधरी ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मेहनत और लगन ही सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार ऐसे शिक्षा केंद्रों को और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
नालंदा परिसर में वित्तमंत्री का यह दौरा युवा छात्रों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ, जिससे उनमें नया उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला।
