ग्राम अछोटा की किसान निर्मला देवांगन के लिए इस वर्ष की धान खरीदी सिर्फ आय का साधन नहीं, बल्कि बेटी के उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीद बनकर आई है। सुबह-सुबह 60 क्विंटल धान लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचीं निर्मला के चेहरे पर सुकून था, क्योंकि खरीदी केंद्रों की व्यवस्था पहले से बेहतर होने का उन्हें सीधा लाभ मिल रहा है।
निर्मला बताती हैं कि इस बार तौल सटीक, लाइन नहीं लगानी पड़ती, भीड़ नहीं होती और स्टाफ पूरी तरह सहयोगी है। साफ-सुथरी और सुचारू व्यवस्था किसानों को सम्मान का अनुभव कराती है। इसी व्यवस्थित खरीदी ने उनकी बेटी की पढ़ाई में लगातार मदद की है। उनकी बेटी इंजीनियरिंग कर चुकी है और अब UPSC की तैयारी कर रही है।
सरकार पर भरोसा, आमदनी से बढ़कर उम्मीद
धान बेचकर मिलने वाली राशि निर्मला के लिए केवल आमदनी नहीं, बल्कि घर का खर्च चलाने और बेटी के सपनों को मजबूत करने का आधार है।
‘टोकन तुंहर दुवार’ ऐप बना बड़ी राहत
सरकार द्वारा लागू किए गए ‘टोकन तुंहर दुवार’ ऐप ने महिला किसानों के लिए प्रक्रिया और सरल बना दी है। अब टोकन घर बैठे मिल जाता है, जिससे भीड़भाड़ कम होती है और समय तथा मेहनत दोनों की बचत होती है। केंद्रों में परछाई, पीने का पानी और सुरक्षा की भी पूरी व्यवस्था है।
किसान परिवारों के सपनों को नई दिशा
निर्मला देवांगन जैसी हजारों किसान महिलाएँ इस सुव्यवस्थित खरीदी से लाभान्वित हो रही हैं। सुरक्षित मूल्य पर उपज की बिक्री से शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका की जरूरतें आसान हो रही हैं। अछोटा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में यह व्यवस्था बदलाव की नई कहानी लिख रही है, और निर्मला की मुस्कान उसी परिवर्तन की पुष्टि करती है।
