Contents
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश की ओर से सभापति के खिलाफ कथित रूप से “लगातार और जानबूझकर अपमानजनक टिप्पणियां” किए जाने की शिकायत पर राज्यसभा विशेषाधिकार समिति ने सोमवार को महत्वपूर्ण बैठक की। उपसभापति हरिवंश की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मामले के तथ्यों, प्रक्रियाओं और आगे की कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा की गई।
शिकायत में क्या है आरोप?
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जयराम रमेश ने—
- सभापति के प्रति अपमानजनक भाषा का उपयोग किया,
- और सार्वजनिक मंचों पर उनकी निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठाए।
समिति ने बताया कि यह मामला सदन की प्रतिष्ठा, गरिमा और संसदीय मर्यादा से जुड़ा है, इसलिए इसे गंभीरता से जांचा जा रहा है।
समिति क्या कर रही है?
- विशेषाधिकार समिति अब जयराम रमेश का पक्ष/साक्ष्य भी सुनेगी।
- सभी तथ्यों की जांच के बाद समिति यह तय करेगी कि
- क्या विशेषाधिकार का उल्लंघन हुआ है?
- यदि हां, तो इसकी प्रकृति और अनुशंसित कार्रवाई क्या होगी?
संसद भवन में अन्य समितियों की बैठकें भी हुईं
सोमवार को संसद परिसर में तीन अन्य संसदीय समितियों की भी बैठकें आयोजित की गईं—
- संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी समिति:
- मीडिया से जुड़े कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा
- MIB, MeitY और प्रेस परिषद (PCI) के विचार सुने
- कोयला, खान एवं इस्पात समिति:
- SAIL के संगठनात्मक ढांचे और प्रदर्शन पर मंत्रालय से मौखिक साक्ष्य
- रसायन एवं उर्वरक स्थायी समिति:
- दवाओं के बढ़ते दामों पर
- NPPA की भूमिका और कार्यों की समीक्षा
विशेषाधिकार समिति का महत्व
विशेषाधिकार समिति में विभिन्न दलों के 10 सदस्य होते हैं। इसका काम है—
- सदन या सभापति द्वारा भेजे गए मामलों की विस्तृत जांच,
- तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करना,
- और आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई की सिफारिश करना।
