वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर छत्तीसगढ़ राज्य आद्रभूमि प्राधिकरण ने राज्यभर में वेटलैंड संरक्षण के लिए “वेटलैंड मित्र” अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय समुदायों को आद्रभूमियों के संरक्षण और प्रबंधन से जोड़ना है, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा में लोगों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जा सके।
पंजीकृत वेटलैंड मित्रों को मिलेगा प्रशिक्षण और जिम्मेदारी
अभियान के तहत इच्छुक नागरिक QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपने निकटतम आद्रभूमि क्षेत्र से जुड़ सकते हैं।
पंजीकरण के बाद वेटलैंड मित्रों को—
- वेटलैंड संरक्षण से जुड़ी जानकारी
- प्रशिक्षण कार्यक्रम
- जन-जागरूकता गतिविधियों में भागीदारी
का अवसर मिलेगा।
वे अपने क्षेत्र में होने वाले पर्यावरणीय परिवर्तनों की पहचान, अवैध गतिविधियों की सूचना और समुदाय तक जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राज्य में अब तक 500 से अधिक वेटलैंड मित्र पंजीकृत
अभियान की बड़ी सफलता यह है कि छत्तीसगढ़ में 500 से अधिक वेटलैंड मित्र आधिकारिक रूप से पंजीकृत हो चुके हैं। इससे स्पष्ट होता है कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण को लेकर नागरिकों की जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
कोरबा जिले में लगभग 200 वेटलैंड मित्र सक्रिय रूप से आद्रभूमि संरक्षण कार्यों में सहयोग कर रहे हैं—
- स्थानीय आद्रभूमियों के स्वास्थ्य का निगरानी
- संरक्षण गतिविधियों में भागीदारी
- वैज्ञानिक जानकारी का प्रसार
जैसे कार्यों में वे महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
विभाग और जनता के बीच प्रभावी कड़ी बन रहा अभियान
वेटलैंड मित्रों का यह नेटवर्क विभाग और आम नागरिकों के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य कर रहा है। उनकी सहायता से आद्रभूमियों की जैव-विविधता, पारिस्थितिक भूमिका और सतत उपयोग की अवधारणाओं का तेजी से प्रसार हो रहा है।
छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर को मिल रही नई सुरक्षा
इस अभियान ने सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया है और राज्य की दीर्घकालिक संरक्षण योजनाओं को मजबूत आधार प्रदान किया है। वेटलैंड मित्रों की सक्रिय भूमिका से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा की रक्षा और संवर्धन को नई दिशा मिल रही है।
