मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मुंबई में भारत के सबसे बड़े और अत्याधुनिक मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल (MICT) का उद्घाटन करेंगे। इंदिरा डॉक, बैलार्ड पियर, मुंबई पोर्ट पर निर्मित यह टर्मिनल न केवल भारत के क्रूज टूरिज्म को नया आयाम देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर मुंबई को एक प्रमुख क्रूज हब के रूप में स्थापित करेगा। आइए जानते हैं इस टर्मिनल की 5 ऐसी खासियतें, जो इसे बेहद खास बनाती हैं।
1. विशाल क्षमता और आधुनिक सुविधाएं
556 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह टर्मिनल 4.15 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है और एक साथ 5 क्रूज जहाजों को संभालने में सक्षम है। यह प्रतिदिन 10,000 यात्रियों को सेवा प्रदान कर सकता है, और इसकी वार्षिक क्षमता 10 लाख पर्यटकों की है। टर्मिनल में 22 लिफ्ट, 10 एस्केलेटर और 300 वाहनों के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है, जो इसे अत्याधुनिक बनाती है।
2. समुद्री लहरों जैसी अनूठी छत
टर्मिनल की वास्तुकला इसकी सबसे बड़ी खूबी है। इसकी छत को समुद्र की लहरों की आकृति में डिज़ाइन किया गया है, जो यात्रियों को समुद्री माहौल का अनुभव कराती है। यह न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि यात्रियों को एक अनोखा स्वागत प्रदान करती है। इमिग्रेशन और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया भी यहीं पूरी होगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा का अनुभव सहज और सुगम होगा।
3. यात्रियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं
मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल को यात्रियों की हर जरूरत को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यहां मेडिकल इमरजेंसी सुविधाएं, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, रेस्टोरेंट्स और आरामदायक लाउंज की व्यवस्था है। यह टर्मिनल न केवल यात्रा के लिए, बल्कि परिवार के साथ समय बिताने और छोटे पर्यटन स्थल के रूप में भी आकर्षक है।
4. क्रूज भारत मिशन का हिस्सा
यह टर्मिनल भारत सरकार के ‘क्रूज भारत मिशन’ के तहत विकसित किया गया है, जो तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है: समुद्री और बंदरगाह क्रूज, नदी और अंतर्देशीय जलमार्ग क्रूज, और द्वीप-लाइटहाउस क्रूज। यह मिशन भारत में समुद्री और नदी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है, जिससे स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
5. क्रूज टूरिज्म और रोजगार को बढ़ावा
मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल के उद्घाटन से भारत में क्रूज टूरिज्म को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह टर्मिनल अंतरराष्ट्रीय क्रूज कंपनियों को आकर्षित करेगा और घरेलू पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगा। इसके साथ ही, यह रोजगार सृजन, छोटे व्यवसायों और पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देगा। सरकार का लक्ष्य है कि भारत को एशिया का प्रमुख क्रूज टूरिज्म हब बनाया जाए।

भारत के समुद्री इतिहास में नया अध्याय
2018 में शुरू हुआ यह मेगा प्रोजेक्ट अब पूर्ण रूप से तैयार है और आज इसके उद्घाटन के साथ भारत के समुद्री इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। यह टर्मिनल न केवल मुंबई, बल्कि पूरे भारत को वैश्विक क्रूज टूरिज्म के नक्शे पर एक मजबूत पहचान दिलाएगा।
