कराची/जामशोरो। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली की सदस्य और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की बेटी असीफा भुट्टो जरदारी के काफिले को उस समय कुछ देर के लिए रोक दिया गया जब वह कराची से नवाबशाह की ओर जा रही थीं। यह घटना जामशोरो टोल प्लाजा के पास हुई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने विवादास्पद नहर परियोजना और कॉर्पोरेट खेती की पहलों के विरोध में नारेबाजी करते हुए काफिले को घेर लिया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से काफिले में शामिल वाहनों पर हाथों और डंडों से हमला किया, जिससे राजमार्ग पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
हालांकि, हैदराबाद और जामशोरो पुलिस के साथ मौजूद सुरक्षा बलों ने तत्काल स्थिति को संभालते हुए असीफा भुट्टो के वाहन को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। जामशोरो के एसएसपी जफर सिद्दीक ने मीडिया को बताया कि काफिला एक मिनट से भी कम समय के लिए रुका था और न तो एमएनए और न ही उनके सुरक्षाकर्मियों को कोई नुकसान पहुंचा।
एसएसपी ने कहा कि सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और इस सिलसिले में कई गिरफ्तारियां भी की गई हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अराजकता फैलाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
असीफा भुट्टो जरदारी, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो की बहन हैं और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की सबसे छोटी संतान हैं। उनका जन्म 3 फरवरी 1993 को हुआ था और उनकी शिक्षा ब्रिटेन में हुई है।