रायपुर। राजधानी रायपुर के बहुप्रतीक्षित स्काई वॉक (फुट ओवर ब्रिज) प्रोजेक्ट को आखिरकार नया जीवन मिल गया है। शास्त्री चौक पर स्थित यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग 8 वर्षों तक ठप पड़ी रही, लेकिन अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। परियोजना को 37.75 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है और पी.एस.ए.ए. कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. को ठेका सौंपा गया है।
क्या है स्काई वॉक प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि
यह परियोजना वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार के दौरान शुरू की गई थी और इसका करीब 70% कार्य भी पूरा हो चुका था। लेकिन 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार ने इसे रोक दिया। इसके बाद कई सुझाव समितियों की बैठकें हुईं, पर कोई ठोस फैसला नहीं हो सका। इस बीच अधूरे ढांचे पर वर्टिकल गार्डन और पेंटिंग जैसी पहल जरूर हुईं, लेकिन ढांचा धीरे-धीरे जर्जर होने लगा और इसके कुछ हिस्से टूटकर गिरने लगे।

अब क्या होगा नया
PWD के अनुसार, स्काई वॉक का निर्माण पूर्व स्वीकृत ड्राइंग और डिजाइन के अनुसार ही किया जाएगा। ठेकेदार कंपनी ने अनुमानित लागत से 20.17% अधिक दर पर निविदा भरी थी, जिसे शासन ने स्वीकृत कर लिया है। सरकार ने गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कार्य की निगरानी, समय-सीमा में पूरा करना, और किसी भी प्रकार की सबलेटिंग पर प्रतिबंध जैसे प्रावधान लागू किए गए हैं।
निर्माण को लेकर सख्त निर्देश
उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू हो और निर्धारित गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा किया जाए। इसके अलावा गैर-मानक मदों (Non-SOR items) की दरों के विश्लेषण और अनुमोदन को भी अनिवार्य किया गया है।

जनता को मिलेगी राहत
शास्त्री चौक और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव के बीच यह स्काई वॉक शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। इसके जरिए पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और ट्रैफिक प्रबंधन में भी सुधार होगा।