मुंबई। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन एक बार फिर अपने अनुशासन और काम के प्रति समर्पण को लेकर चर्चा में हैं। 83 वर्ष की उम्र में भी उनका जोश और कार्यशैली नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए मिसाल बनी हुई है।
हाल ही में अपने ब्लॉग के जरिए उन्होंने बताया कि काम से दूर रहना उन्हें मानसिक रूप से असहज कर देता है। उन्होंने लिखा कि जब कोई दिन बिना काम के गुजरता है, तो उन्हें बेचैनी महसूस होती है और दिन असंतुलित लगने लगता है। उनके अनुसार, सालों की मेहनत से बनी दिनचर्या अगर टूट जाए, तो उसका असर पूरे दिन पर पड़ता है।
उन्होंने आगे कहा कि जब चीजें योजना के अनुसार नहीं होतीं, तो व्यक्ति खुद से सवाल करने लगता है कि दिन वैसा क्यों नहीं बीता जैसा सोचा था। अगर इस स्थिति को समझ लिया जाए, तो जीवन में संतुलन और शांति बनाए रखना आसान हो सकता है।
छह दशकों से सक्रिय, अब भी उतनी ही ऊर्जा
अमिताभ बच्चन पिछले करीब छह दशकों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और आज भी लगातार काम कर रहे हैं। उनकी ऊर्जा और प्रोफेशनलिज्म उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है।
काम के मोर्चे पर व्यस्त
हाल ही में उन्हें कौन बनेगा करोड़पति के 17वें सीजन को होस्ट करते हुए देखा गया था। फिल्मों की बात करें तो वे कल्कि 2898 AD में नजर आए थे, जिसमें उनके साथ प्रभास भी थे।
बताया जा रहा है कि वह इन दिनों इसी फिल्म के सीक्वल की शूटिंग में व्यस्त हैं और आने वाले समय में ‘कल्कि सिनेमैटिक यूनिवर्स’ की अगली कड़ी में फिर नजर आएंगे।
अमिताभ बच्चन का यह बयान एक बार फिर साबित करता है कि सफलता के पीछे निरंतरता, अनुशासन और काम के प्रति जुनून सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं।
