अक्सर लोग वजन घटाने के लिए रोटी-चावल कम कर देते हैं या खाना बहुत कम कर देते हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कई लोगों का पेट फिर भी बाहर निकल आता है, जबकि हाथ-पैर और चेहरा पतला दिखता है। फिटनेस विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल भ्रम नहीं बल्कि शरीर की जैविक प्रतिक्रिया है।
‘सर्वाइवल मोड’ में चला जाता है शरीर
जब आप बहुत कम खाना खाते हैं, तो शरीर इसे भोजन की कमी या खतरे की स्थिति मान लेता है। ऐसे में बॉडी ‘सर्वाइवल मोड’ में चली जाती है और ऊर्जा बचाने के लिए फैट स्टोर करना शुरू कर देती है। नतीजतन पेट के आसपास चर्बी बढ़ने लगती है।
मेटाबॉलिज्म हो जाता है धीमा
कम भोजन लेने से मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। साथ ही तनाव हार्मोन कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ता है, जो खासतौर पर लोअर बैली फैट बढ़ाने के लिए जिम्मेदार माना जाता है। इसलिए शरीर के बाकी हिस्से पतले रहते हैं, लेकिन पेट बाहर दिखता है।
मसल लॉस से बिगड़ती है बॉडी शेप
कठोर डाइटिंग या भूखे रहने से फैट कम होने की बजाय मसल लॉस होने लगता है। मसल्स कम होने से कैलोरी बर्न करने की क्षमता घटती है और फैट लॉस की प्रक्रिया और धीमी हो जाती है। इससे पेट और ज्यादा उभरा हुआ नजर आता है।
समाधान क्या है?
विशेषज्ञों का कहना है कि वजन घटाने के लिए भूखे रहना या रोटी-चावल पूरी तरह छोड़ देना सही तरीका नहीं है।
- संतुलित आहार लें
- प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन बढ़ाएं
- नियमित व्यायाम करें
- दिनभर सक्रिय रहें
सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज और संतुलित जीवनशैली ही बेली फैट कम करने का टिकाऊ और सुरक्षित तरीका है।
