प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से इस वर्ष 17,881 किसान लाभान्वित
शाकम्भरी योजना अंतर्गत किसानों को अधिकतम 75 प्रतिशत अनुदान
अब तक 3,234 किसानों को मिला लाभ
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर के प्रयासों से प्रदेश सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। पहले जहां किसान मुख्य रूप से धान की खेती पर निर्भर थे, वहीं अब वे तेजी से सब्जी उत्पादन की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को उन्नत सब्जी बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा संचालित पारदर्शी कैम्पस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किसानों को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली उपलब्ध कराई जा रही है। इससे सब्जी उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ किसान आर्थिक रूप से भी सशक्त हो रहे हैं।
ड्रिप सिंचाई प्रणाली “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें पौधों को आवश्यक पानी एवं पोषक तत्व सीधे जड़ों तक पहुंचते हैं। इससे पानी और संसाधनों की बचत होती है, श्रम लागत कम होती है तथा किसानों के मुनाफे में वृद्धि होती है।
बीज निगम द्वारा किसानों को अधिकतम 55 प्रतिशत शासकीय अनुदान पर ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिस्टम उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में रबी फसल के अंतर्गत दलहन एवं तिलहन, विशेषकर चना की खेती में स्प्रिंकलर पद्धति से सिंचाई का भरपूर लाभ लिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 17,881 कृषकों को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत लाभान्वित किया गया है, जिनमें 3,281 किसानों को ड्रिप तथा 14,600 किसानों को स्प्रिंकलर सिस्टम प्रदान किया गया है। यह प्रक्रिया वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक निरंतर जारी रहेगी।
इसके साथ ही बीज निगम के माध्यम से किसान खरीफ एवं रबी सीजन में उन्नत किस्म के मांग-आधारित बीज प्राप्त कर रहे हैं। शाकम्भरी योजना के अंतर्गत कैम्पस ऑनलाइन पोर्टल के जरिए किसान अपनी आवश्यकता अनुसार सिंचाई पंप का चयन भी कर सकते हैं। इस योजना में किसानों को उनके द्वारा चुने गए मेक, मॉडल एवं ब्रांड के सिंचाई पंप पर अधिकतम 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां किसानों के लिए डीजल पंप का विकल्प भी प्रदान किया गया है। मोनोब्लॉक, विद्युत, पेट्रोल, डीजल तथा ओपनवेल सबमर्सिबल पंप 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बीज निगम द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 3,234 किसानों को शासकीय अनुदान पर लाभान्वित किया जा चुका है। विभाग का लक्ष्य वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक अधिक से अधिक किसानों को योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
