03 किलोवाट सोलर पैनल लगवाकर आकाश चंदेल बने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर
रायपुर, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जिले में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना के तहत घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कर आम नागरिकों को न केवल बिजली बिल के बोझ से राहत मिल रही है, बल्कि स्वच्छ और हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।
इसी कड़ी में रायपुर के रामगोपाल तिवारी वार्ड निवासी आकाश चंदेल ने अपने घर की छत पर 03 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवाया है। बढ़ते बिजली बिल, ऊर्जा की बढ़ती मांग और पर्यावरण संरक्षण की चिंता ने उन्हें वैकल्पिक ऊर्जा की ओर प्रेरित किया। सोलर पैनल स्थापित होने के बाद उनका परिवार ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन गया है।
आकाश चंदेल ने बताया कि सौर ऊर्जा न केवल किफायती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का भी प्रभावी माध्यम है। उनके घर पर स्थापित 03 किलोवाट का सोलर रूफटॉप सिस्टम वर्तमान में घरेलू बिजली की दैनिक जरूरतों को आसानी से पूरा कर रहा है। इससे प्रतिमाह पर्याप्त बिजली उत्पादन हो रहा है, जिसके कारण उनका बिजली बिल काफी कम हो गया है। अतिरिक्त बिजली ग्रिड में प्रवाहित होने से उन्हें आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो रहा है।
सोलर रूफटॉप सिस्टम की स्थापना से कार्बन उत्सर्जन में कमी आ रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है। योजना के तहत सोलर रूफटॉप लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनुदान की सुविधा दी जा रही है। साथ ही, शासन के निर्देशानुसार बैंकों द्वारा कम ब्याज दर पर आसान किश्तों में ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
योजना के अंतर्गत 01 किलोवाट सोलर रूफटॉप सिस्टम पर 45 हजार रुपये, 02 किलोवाट पर 90 हजार रुपये और 03 किलोवाट सोलर रूफटॉप सिस्टम पर 1 लाख 08 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। कुल मिलाकर उपभोक्ताओं को 30 हजार रुपये से 78 हजार रुपये तक की अतिरिक्त सहायता का लाभ भी मिल रहा है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण—दोनों उद्देश्यों को साकार कर रही है।
