मुंबई में आयोजित बालासाहेब ठाकरे जन्म शताब्दी समारोह के दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) को नष्ट नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि शिवसेना केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विचारधारा है और धरती सपूतों की आवाज का प्रतीक है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी यह सोचती है कि वह शिवसेना को खत्म कर देगी, तो यह उसकी गलतफहमी है। शिवसेना शोषितों के दिलों में जलने वाली मशाल है, जिसे बुझाया नहीं जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा द्वारा शिवसेना को समाप्त करने के सभी प्रयास विफल होंगे।
यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में भाजपा और महायुति गठबंधन ने बड़ी जीत दर्ज की है। हाल ही में हुए चुनावों में भाजपा ने 29 में से 25 नगर निगमों पर कब्जा जमाया, जिसमें प्रतिष्ठित बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) भी शामिल है। इस परिणाम के साथ बीएमसी पर ठाकरे परिवार का लगभग तीन दशक पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया।
227 सदस्यीय बीएमसी में महायुति गठबंधन ने कुल 118 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि शिवसेना (एकनाथ शिंदे) को 29 सीटें मिलीं।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) ने 65 सीटें जीतकर विपक्ष का नेतृत्व किया। पार्टी को कुल 7,17,736 मत प्राप्त हुए, जो कुल मतदान का 13.13 प्रतिशत है। कांग्रेस ने 24 सीटें जीतीं। एआईएमआईएम ने मुंबई में 8 और राज्यभर में 114 सीटें जीतकर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) को 6 सीटें मिलीं और पार्टी को 74,946 वोट प्राप्त हुए, जिसका मत प्रतिशत 1.37 रहा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी हार के बावजूद उद्धव ठाकरे का यह बयान शिवसेना (यूबीटी) के कैडर में नई ऊर्जा भरने और वैचारिक संघर्ष को तेज करने का प्रयास है।
