बांग्लादेश में हालिया आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। पार्टी के नेता तारिक रहमान अब देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं।
नई सरकार ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। इसे सिर्फ औपचारिक आमंत्रण नहीं, बल्कि भारत के साथ रिश्तों को नए सिरे से मजबूत करने के कूटनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। शपथ से पहले मोदी और तारिक रहमान के बीच फोन पर बातचीत भी हुई, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें जीत की बधाई देते हुए भारत की ओर से सहयोग का भरोसा दिया।
हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी के ढाका जाने की संभावना कम है क्योंकि 17 फरवरी को वे मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता में व्यस्त रहेंगे। ऐसे में भारत का प्रतिनिधित्व ओम बिरला करेंगे, जो ढाका में शपथ समारोह में शामिल होंगे।
समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भी शामिल होने की संभावना है। अंतरिम सरकार, जिसका नेतृत्व मोहम्मद यूनुस कर रहे थे, ने भारत सहित 13 देशों को आमंत्रित किया है।
इस राजनीतिक बदलाव के बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का मुद्दा भी चर्चा में है। 2024 के जन आंदोलन के बाद सत्ता छोड़ने के बाद वे फिलहाल भारत में रह रही हैं। बीएनपी नेताओं ने भारत से उनके प्रत्यार्पण की मांग की है, जो आने वाले समय में भारत-बांग्लादेश संबंधों की बड़ी परीक्षा बन सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एक ओर नई सरकार भारत से संबंध सुधारने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर शेख हसीना के मुद्दे पर कड़ा रुख दोनों देशों के कूटनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
