पटना। बिहार की राजनीति में अगले सप्ताह बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के साथ ही राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद एनडीए विधायक दल नए नेता का चुनाव करेगा।
जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को दिल्ली रवाना होंगे और 11 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इसके बाद वे पटना लौटकर सरकार के उत्तराधिकार को लेकर होने वाली बैठकों में शामिल होंगे। इस संबंध में 13 अप्रैल से बिहार कैबिनेट की बैठक भी प्रस्तावित है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि बिहार के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को पटना के गांधी मैदान में आयोजित किया जा सकता है। साथ ही यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को नई सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी मिल सकती है।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई नाम
बिहार में अगली सरकार भाजपा के नेतृत्व में बनने की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरों में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं।
- सम्राट चौधरी: वर्तमान उपमुख्यमंत्री और भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल।
- नित्यानंद राय: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री, मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
- विजय कुमार सिन्हा: वर्तमान उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता।
- संजीव चौरसिया: दीघा से विधायक, नाम चर्चा में।
- नीतीश मिश्रा: झंझारपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख नेता।
एनडीए की बैठकों पर टिकी नजर
14 अप्रैल को एनडीए विधायक दल और सहयोगी दलों की बैठकें होने की संभावना है। इन्हीं बैठकों में नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। बिहार की राजनीति में इस संभावित बदलाव को लेकर राजनीतिक दलों और जनता की नजरें आगामी घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।
