बस्तर जिला प्रशासन ने ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और पठन-पाठन की मजबूत नींव रखने के उद्देश्य से जिले में ‘पढ़ेसे बस्तर’ अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान कलेक्टर हरिस एस और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में बहुभाषी मिनी लाइब्रेरी की स्थापना की जा रही है, जिससे बच्चों की पुस्तकों तक आसान पहुँच सुनिश्चित हो सके और उनमें पढ़ने की रुचि विकसित हो। इस महत्त्वाकांक्षी पहल को स्वयंसेवी संगठन प्रथम बुक्स की डोनेट-ए-बुक पहल के सहयोग से क्रियान्वित किया जा रहा है।
इस साझेदारी के माध्यम से बच्चों को ऐसी पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं जो ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ सांस्कृतिक रूप से भी प्रासंगिक हैं। विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध ये पुस्तकें बच्चों को उनकी स्थानीय विरासत से जोड़ते हुए पठन के प्रति प्रेरित कर रही हैं। अब तक अभियान के अंतर्गत 4,788 पुस्तकें वितरित की जा चुकी हैं। वहीं, 43 नई मिनी लाइब्रेरी के माध्यम से 4,477 अतिरिक्त पुस्तकों की स्थापना का कार्य प्रगति पर है।
शिक्षा के दायरे को व्यापक बनाते हुए इन मिनी लाइब्रेरी को केवल शासकीय स्कूलों तक सीमित नहीं रखा गया है। अब जिले के पुलिस थानों, जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्रों, दिव्यांग बच्चों के केंद्रों और बाल देखभाल संस्थानों में भी इन पुस्तकालयों की स्थापना की जा रही है, जिससे ये स्थान ज्ञान के नए केंद्र बन रहे हैं।
इस अभियान में शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग और पुलिस विभाग सहित विभिन्न विभागों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है, जो आपसी समन्वय और साझा विकास की मजबूत मिसाल पेश करता है।
बस्तर जिला प्रशासन की यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, निपुण भारत मिशन और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है। इसका उद्देश्य वर्ष 2026 तक सभी बच्चों में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान सुनिश्चित करना है। ‘पढ़ेसे बस्तर’ अभियान के माध्यम से बच्चों की भाषा क्षमता को मजबूत करते हुए उनके लिए भविष्य के शैक्षणिक और रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, यह अभियान बस्तर में शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, जो बच्चों को ज्ञान, आत्मविश्वास और समाज में सक्रिय सहभागिता के लिए सशक्त बना रहा है।
