पुतिन की भारत यात्रा: दुनिया की सबसे गोपनीय ‘Iron Circle’ टीम पर क्यों टिकी है रूस की सत्ता?
नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा न सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती का संकेत है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय तनावों, पश्चिमी दबावों और यूक्रेन युद्ध की परिस्थितियों के बीच भी भारत-रूस रिश्तों में रणनीतिक गहराई कायम है।
लेकिन इस यात्रा से भी अधिक दिलचस्प है वह टीम, जिसे वैश्विक राजनीति में “Putin’s Iron Circle” कहा जाता है—दुनिया की सबसे प्रभावशाली, गोपनीय और अटूट वफादारी वाली कोर टीम।
पुतिन तक पहुंचना लगभग असंभव — क्यों?
पुतिन की सत्ता-व्यवस्था की सबसे खास बात है कि उनके विश्वासपात्रों के अलावा किसी का भी उन तक सीधा पहुंचना लगभग असंभव है। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर आधिकारिक बैठकों तक, हर स्तर पर वही चेहरे मौजूद रहते हैं जिन पर पुतिन दो दशक से भी अधिक समय से भरोसा करते आए हैं। यही टीम रूस की असली निर्णय-प्रक्रिया को संचालित करती है।
पुतिन का Iron Circle: कौन हैं सबसे प्रभावशाली चेहरे?
1. निकोलाई पत्रुशेव — “पुतिन का मस्तिष्क”
- रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव
- पुतिन के सबसे पुराने सहयोगी, KGB के दिनों से साथ
- रूस की सुरक्षा, घरेलू जासूसी और विदेश नीति में निर्णायक भूमिका
- माना जाता है— “अगर पुतिन रूस का चेहरा हैं, तो पत्रुशेव उसका दिमाग।”
2. इगोर सेचिन — रूस की ऊर्जा राजनीति का ‘Shadow Emperor’
- रोसनेफ्ट के प्रमुख
- पश्चिमी मीडिया में “Putin’s Shadow” के नाम से मशहूर
- रूस की तेल-नीति का हर बड़ा फैसला उन्हीं के इशारों पर
- अत्यधिक गोपनीय और प्रभावशाली
3. दिमित्री मेदवेदेव — सत्ता संरचना के ‘स्टेबलाइज़र’
- पूर्व राष्ट्रपति, वर्तमान में सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष
- पुतिन के राजनीतिक सुरक्षा-कवच की तरह
- सत्ता के संक्रमण दौर में पुतिन की सबसे मजबूत ढाल
4. सर्गेई शोइगू — रूस की सैन्य शक्ति का स्तंभ
- रक्षा मंत्री
- सीरिया अभियान, यूक्रेन युद्ध और सैन्य पुनर्संरचना के प्रमुख वास्तुकार
- निजी रूप से पुतिन के बेहद करीब
5. अलेक्ज़ेंडर बोर्तनिकोव — रूस की आंतरिक सुरक्षा के ‘स्टील वॉल’
- FSB प्रमुख
- रूस के जासूसी तंत्र और आंतरिक सुरक्षा पर पूर्ण नियंत्रण
- पुतिन की विदेशी यात्राओं से लेकर सुरक्षा प्रोटोकॉल तक अंतिम अधिकार
6. सर्गेई लावरोव — पुतिन का वैश्विक कूटनीतिक चेहरा
- विदेश मंत्री
- अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रूस की आक्रामक और स्पष्ट आवाज
- दुनिया के सबसे अनुभवी विदेश मंत्रियों में शामिल
7. अंतोन वैनो — राष्ट्रपति कार्यालय के सर्वोच्च प्रशासक
- चीफ ऑफ स्टाफ
- पुतिन तक पहुंचने की एकमात्र आधिकारिक “द्वारपाल”
- उनके बिना कोई दस्तावेज़ या ब्रीफिंग राष्ट्रपति तक नहीं जाती
8. नारीशकिन, इवानोव और मत्वियेंको — सत्ता ढांचे के मजबूत स्तंभ
- सेर्गेई नारीशकिन: SVR (विदेशी जासूसी एजेंसी) के प्रमुख
- सेर्गेई इवानोव: पुराने विश्वसनीय सहयोगी और नीति-निर्माण का अहम हिस्सा
- वलेंटीना मत्वियेंको: रूस की सबसे प्रभावशाली महिला राजनेता, संघ परिषद की अध्यक्ष
भारत यात्रा में भी रहा Iron Circle का अदृश्य प्रभाव
भारत प्रवास के दौरान भी पुतिन की यह कोर टीम या तो मंच पर उपस्थित रही या पर्दे के पीछे हर निर्णय का संचालन करती रही।
रूस में सत्ता पुतिन के हाथों में है, लेकिन उन हाथों को दिशा देने वाली उनकी यह अदृश्य, अटूट और पूरी तरह वफादार टीम है—जो पुतिन की शक्ति का असली आधार है।
