यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) को संबोधित करते हुए यूरोपीय देशों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि रूस द्वारा लगभग चार वर्ष पहले किए गए आक्रमण और उसकी लगातार जारी आक्रामक नीतियों के प्रति यूरोप की प्रतिक्रिया धीमी, बिखरी हुई और अपर्याप्त रही है।
जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका की शांति पहल के बीच यूक्रेन को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भरोसे छोड़ दिया गया है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान हालात में यूरोप भटका हुआ नजर आ रहा है और उसे एक वैश्विक शक्ति के रूप में अपनी भूमिका को मजबूती से निभाने की आवश्यकता है।
डब्ल्यूईएफ मंच से बोलते हुए जेलेंस्की ने यूरोप की प्रतिक्रिया की तुलना वेनेजुएला और ईरान के मामलों में अमेरिका द्वारा उठाए गए निर्णायक कदमों से की। उन्होंने प्रसिद्ध फिल्म ‘ग्राउंडहॉग डे’ का उदाहरण देते हुए कहा कि हर साल वही बातें दोहराई जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव नजर नहीं आता।
उन्होंने कहा, “पिछले वर्ष दावोस में मैंने अपने भाषण का समापन इस बात से किया था कि यूरोप को यह जानना चाहिए कि वह अपनी रक्षा कैसे करे। एक वर्ष बीत गया, लेकिन कुछ भी नहीं बदला। आज भी मुझे वही बात दोहरानी पड़ रही है।”
जेलेंस्की का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दावोस में करीब एक घंटे तक चली बंद कमरे की मुलाकात के बाद आया। इस मुलाकात को ट्रंप ने “बहुत अच्छा” बताया, जबकि जेलेंस्की ने इसे “सार्थक” करार दिया।
हालांकि यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को आर्थिक, सैन्य और मानवीय सहायता प्रदान की है, लेकिन 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ के सभी देश एक समान रुख नहीं अपनाते दिखे हैं। रूस के प्रति नीति को लेकर यूरोप के भीतर मतभेद और निर्णयों में देरी यूक्रेन के लिए लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।
