नई दिल्ली, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संबंधों पर सवाल उठाते हुए ट्रंप के उन दावों की कड़ी आलोचना की है, जिनमें वे 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को रुकवाने का श्रेय खुद को देते रहे हैं। रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि ट्रंप अब तक इस ऑपरेशन को रोकने में अपनी भूमिका को लेकर 70 बार दावा कर चुके हैं।
जयराम रमेश ने लिखा कि एक दिन पहले तक ट्रंप यह दावा 68 बार कर चुके थे, लेकिन व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह संख्या अचानक बढ़कर 70 हो गई। उनके अनुसार, यह बढ़ोतरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के शुरुआती बयान और उसके बाद प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान देखने को मिली।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ट्रंप के प्रति दिखाए गए आत्मीय व्यवहार पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के “अच्छे दोस्त” ट्रंप, जिन्हें कई मौकों पर प्रधानमंत्री के गले लगाने का सामना करना पड़ा, लगातार यह दावा करते रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के अचानक और अप्रत्याशित रूप से रुकने के लिए वे अकेले जिम्मेदार थे।
यह पूरा विवाद उस दस्तावेज़ के सामने आने के बाद और गहराया, जिसे व्हाइट हाउस ने मंगलवार (स्थानीय समय) को “365 दिनों में 365 जीत” शीर्षक से जारी किया। इस दस्तावेज़ में राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष की उपलब्धियों का उल्लेख किया गया है। इसमें “विश्व मंच पर अमेरिकी नेतृत्व को पुनः स्थापित करना” शीर्षक के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच “युद्धविराम कराने” के ट्रंप के दावे को उनकी प्रमुख सफलताओं में शामिल किया गया है।
इसके बाद, अपने शासन के एक वर्ष पूरे होने पर मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने एक बार फिर अपने दावे को दोहराया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान गिराए गए विमानों की संख्या सात से बढ़कर आठ हो गई थी। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में आठ ऐसे युद्ध समाप्त किए जो समाप्त होने योग्य नहीं थे और भारत-पाकिस्तान संघर्ष भी उनमें से एक था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उस समय हालात इतने गंभीर थे कि परमाणु टकराव की आशंका बन गई थी और उनके हस्तक्षेप से लाखों लोगों की जान बची।
कांग्रेस ने ट्रंप के इन बयानों को लेकर केंद्र सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा कटाक्ष किया है।
