खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी का महापर्व जिले के उपार्जन केंद्रों में जोरशोर से जारी है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य उपलब्ध कराने से उपार्जन प्रणाली पूरे देश में मिसाल बन चुकी है।
मुख्य बातें
- खरीदी का आंकड़ा: 15 से 28 नवंबर के बीच 1,746 किसानों ने 84,530.40 क्विंटल धान बेचा।
- भुगतान: सरकार द्वारा 20 करोड़ 2 लाख रुपए DBT के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में भेजे गए।
- कृषि ऋण वसूली: अब तक लगभग 4 करोड़ रुपए की ऋण वसूली हुई।
सुव्यवस्थित उपार्जन केंद्र
- पेयजल और बैठने की व्यवस्था
- नियमित तौल मशीन जाँच
- सुरक्षा और तेज़ टोकन प्रक्रिया
- सुगम परिवहन मार्ग
- किसान सहायता केंद्र के माध्यम से शिकायतों का त्वरित समाधान
कलेक्टर की सतत मॉनिटरिंग
जिला कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी स्वयं प्रक्रिया की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने कहा:
“पंजीकृत किसानों से एक-एक दाना धान खरीदा जाएगा। हर किसान को उचित मूल्य मिलेगा।”
सख्त कार्रवाई और निगरानी
- अवैध धान परिवहन, जमाखोरी और अनियमितताओं पर कड़ी नजर।
- प्रशासनिक टीमें नियमित गश्त कर रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
जिले में धान खरीदी की पारदर्शिता और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन सक्रिय है, जिससे किसानों को समय पर भुगतान और उचित मूल्य मिल रहा है।
