छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय, नारायणपुर के प्राचार्य सहित छह प्राध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई पी.एम. उषा मद से आबंटित राशि के दुरुपयोग, सामग्री क्रय में गड़बड़ी, प्रक्रियागत अनियमितता तथा छत्तीसगढ़ वित्तीय नियम संहिता 2002 (संशोधित 2025) के उल्लंघन के आरोपों के बाद की गई है। प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने पर उच्च शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया।
जारी आदेश के तहत निलंबित किए गए अधिकारियों में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. योगेंद्र पटेल तथा सहायक प्राध्यापक श्री भूषण जय गोयल, श्री किशोर कुमार कोठारी, श्री हरीश चंद बैद एवं श्री नोहर राम शामिल हैं। सभी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के अंतर्गत निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारियों का मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक, कार्यालय जगदलपुर (छ.ग.) निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच पृथक से की जाएगी, ताकि दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आगे कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। शासन के इस कदम को सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के प्रति शून्य सहनशीलता नीति के रूप में देखा जा रहा है।
