राजस्थान के नाथद्वारा में स्थापित भगवान शिव की 369 फीट ऊँची प्रतिमा आज विश्वभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। ‘स्टैच्यू ऑफ बिलीफ’ के नाम से प्रसिद्ध यह प्रतिमा वर्तमान में दुनिया की सबसे ऊँची शिव प्रतिमा मानी जाती है। ध्यान मुद्रा में विराजमान भगवान शिव की यह भव्य आकृति आस्था के साथ आधुनिक इंजीनियरिंग का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
इस प्रतिमा का निर्माण मिराज ग्रुप द्वारा कराया गया। लंबे समय तक चले निर्माण कार्य के बाद इसका लोकार्पण 29 अक्टूबर 2022 को किया गया। स्टील स्ट्रक्चर पर तांबा और जिंक मिश्र धातु की परत चढ़ाकर इसे मौसम के प्रभावों से सुरक्षित बनाया गया है। प्रतिमा के भीतर लिफ्ट और सीढ़ियों की व्यवस्था है, जिससे निर्धारित स्तर तक जाकर दर्शक आसपास का विहंगम दृश्य देख सकते हैं। रात के समय आकर्षक लाइटिंग और साउंड शो इस स्थल की भव्यता को और बढ़ा देते हैं।
प्रतिमा परिसर में शिव थीम पर आधारित गैलरी, ध्यान केंद्र, उद्यान, फूड कोर्ट और पार्किंग जैसी सुविधाएँ विकसित की गई हैं। यह स्थल धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ परिवारों और युवाओं के लिए भी खास अनुभव प्रदान करता है।
कैसे पहुँचे: नाथद्वारा उदयपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर है। निकटतम हवाई अड्डा उदयपुर है, जबकि सड़क मार्ग से भी यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है। निकटतम रेल स्टेशन मावली और उदयपुर हैं।
अन्य प्रमुख विशाल शिव प्रतिमाएँ
| स्थान | ऊँचाई | विशेषता |
|---|---|---|
| नाथद्वारा, राजस्थान | 369 फीट | विश्व की सबसे ऊँची शिव प्रतिमा |
| मुरुदेश्वर, कर्नाटक | 123 फीट | समुद्र तट के किनारे प्रसिद्ध तीर्थ |
| हरिद्वार, उत्तराखंड | ~100 फीट | गंगा तट के समीप |
| मंगल महादेव, मॉरीशस | 108 फीट | भारत के बाहर प्रसिद्ध प्रतिमा |
| सिमरिया, बिहार | ~151 फीट (दावा) | क्षेत्रीय आस्था का केंद्र |
नाथद्वारा की यह भव्य प्रतिमा न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि भारत में धार्मिक पर्यटन और आधुनिक निर्माण क्षमता की नई पहचान भी बन चुकी है। श्रद्धालु यहाँ आध्यात्मिक शांति के साथ अद्भुत दृश्य अनुभव का आनंद लेते हैं।
