पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रूस ने शांति बहाली के लिए बड़ी कूटनीतिक पहल की है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बातचीत के दौरान क्षेत्र में मध्यस्थता की पेशकश की है।
क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में पुतिन ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का समाधान राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से ही संभव है। उन्होंने इस दिशा में रूस की ओर से हर संभव सहयोग देने और मध्यस्थ की भूमिका निभाने की इच्छा जताई।
यह प्रस्ताव ऐसे समय पर सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच हालिया वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेद अब भी बने हुए हैं, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता और बढ़ गई है।
रूस इससे पहले भी इस तरह की पहल करता रहा है। वर्ष 2025 में भी पुतिन ने ईरान के परमाणु मुद्दे का समाधान युद्ध के बजाय बातचीत के जरिए निकालने पर जोर दिया था।
हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि रूस खुद रूस-यूक्रेन युद्ध में उलझा हुआ है, जहां शांति प्रक्रिया अब तक ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। इसके बावजूद रूस की यह पहल वैश्विक कूटनीति में उसकी सक्रिय भूमिका को दर्शाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी पक्ष इस मध्यस्थता को स्वीकार करते हैं, तो यह पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
