US Israel Attack Iran Natanz Nuclear Facility: तेहरान/यरुशलम। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के सबसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले नतांज परमाणू संवर्धन केंद्र (Natanz Nuclear Facility) पर अमेरिका और इजरायल ने मिलकर जबरदस्त हवाई हमला किया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि धमाकों की गूंज दूर-दराज के इलाकों तक सुनाई दी।
ईरानी अधिकारियों ने शुरुआती जांच के बाद बड़ी राहत की जानकारी दी है। हमले के बावजूद अब तक किसी भी तरह के रेडियोधर्मी पदार्थ (रेडिएशन) के रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है। आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं। ईरान ने इस हमले को अमेरिका-इजरायल के उस निरंतर अभियान का हिस्सा करार दिया है, जिसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह रोकना है।
US Israel Attack Iran Natanz Nuclear Facility: नतांज बार-बार निशाने पर, हर बार बचा पर्यावरण
नतांज परमाणु केंद्र पिछले कई वर्षों से दुश्मनों का प्रमुख टारगेट बना हुआ है। 2025 में इजरायल और ईरान के बीच चले 12 दिनों के भीषण युद्ध में भी यही केंद्र मुख्य निशाना था। उस समय भी अमेरिका ने सीधे तौर पर संघर्ष में हिस्सा लिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की बमबारी भी पिछले हमलों की तरह केंद्र के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचाएगी, लेकिन पर्यावरण और आसपास के लोगों को बड़ा खतरा नहीं पहुंचा है।
US Israel Attack Iran Natanz Nuclear Facility: वैश्विक चिंता बढ़ी, तेल की कीमतों में उछाल का खतरा
इस हमले ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास तनाव बढ़ने से कच्चे तेल और एलपीजी की सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देश, जो ऊर्जा आयात के लिए इस क्षेत्र पर निर्भर हैं, इस स्थिति से काफी प्रभावित हो सकते हैं। तेल की कीमतों में तेज उछाल आने की आशंका जताई जा रही है।
