US–Iran वार्ता से पहले इस्लामाबाद किले में तब्दील, हाई अलर्ट पर पाकिस्तान
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित अहम वार्ता से पहले अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। 11 अप्रैल से शुरू होने वाली इस बैठक को देखते हुए पूरे शहर, खासकर रेड ज़ोन इलाके को किले में तब्दील कर दिया गया है।
प्रशासन द्वारा जारी तस्वीरों और रिपोर्ट्स में साफ देखा जा सकता है कि संसद, सरकारी इमारतों, दूतावासों और प्रमुख होटलों वाले रेड ज़ोन क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा तैनात है। आम लोगों की आवाजाही को सीमित कर दिया गया है और इस इलाके की अधिकांश सड़कों को आम वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। जगह-जगह सशस्त्र पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं, साथ ही कई चेकपोस्ट भी बनाए गए हैं।
अधिकारियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गुरुवार और शुक्रवार को राजधानी में अवकाश घोषित किया है। कई स्कूल, बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं, जिससे शहर में सामान्य गतिविधियां काफी हद तक थम गई हैं। मेहमान प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया है।
यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब मध्य पूर्व में हाल ही में तनावपूर्ण हालात के बीच अस्थायी संघर्ष-विराम लागू हुआ है। 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था, जिसके बाद कूटनीतिक प्रयासों से दो हफ्ते का सीज़फायर संभव हो पाया।
हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी प्रतिनिधिमंडल अभी तक पाकिस्तान के लिए रवाना नहीं हुआ है, जिसकी वजह लेबनान में जारी इज़राइली हमले बताए जा रहे हैं। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता में शामिल होने के लिए हंगरी से रवाना हो चुके हैं।
पाकिस्तान के गृह मंत्री ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को “पुख्ता सुरक्षा” का भरोसा दिलाया है। सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए अमेरिकी अग्रिम टीम पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वार्ता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है, हालांकि सुरक्षा चुनौतियां और भू-राजनीतिक तनाव इस प्रक्रिया को जटिल बना रहे हैं।
