लंदन। क्रिकेट इतिहास के सबसे लोकप्रिय और सम्मानित अंपायरों में से एक, इंग्लैंड के हैरल्ड डेनिस ‘Dickie Bird’ का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। यॉर्कशायर काउंटी क्रिकेट क्लब ने मंगलवार को एक बयान जारी कर इस दुखद समाचार की पुष्टि की। बर्ड का निधन उनके घर में शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। क्रिकेट समुदाय में उनके योगदान को याद करते हुए इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने भी शोक व्यक्त किया है।

बार्न्सले में 19 अप्रैल 1933 को जन्मे Dickie Bird ने अपना फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर यॉर्कशायर के लिए शुरू किया। दाएं हाथ के बल्लेबाज के रूप में उन्होंने 93 मैचों में मात्र 3,314 रन बनाए, लेकिन सफलता न मिलने पर मात्र 32 वर्ष की आयु में संन्यास ले लिया। इसके बाद उन्होंने अंपायरिंग में कदम रखा, जो उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। 1970 में काउंटी चैंपियनशिप मैच से अंपायरिंग करियर की शुरुआत करने वाले बर्ड ने 37 वर्ष की आयु में ही मैदान संभाला।
बर्ड क्रिकेट इतिहास के पहले अंपायर थे, जिन्होंने तीन विश्व कप फाइनल में अंपायरिंग की। 1975, 1979 और 1983 के फाइनल में मैदानी अंपायर के रूप में उनकी भूमिका रही। विशेष रूप से 1983 के फाइनल में, जहां कप्तान कपिल देव की अगुवाई में भारत ने दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार विश्व कप ट्रॉफी जीती, बर्ड उस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। कुल मिलाकर उन्होंने 66 टेस्ट और 69 वनडे मैचों में अंपायरिंग की, जो उन्हें दुनिया के सबसे सफल और लोकप्रिय अंपायरों में शुमार कर गया।

1996 में भारत-इंग्लैंड टेस्ट मैच के दौरान लॉर्ड्स में उन्होंने अपना आखिरी मैच अंपायर किया, जहां दोनों टीमों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। Dickie Bird की निष्पक्षता, सटीक निर्णय और मैदान पर सौम्य व्यवहार ने उन्हें क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में अमर बना दिया। यॉर्कशायर क्लब ने बयान में कहा, “Dickie Bird क्रिकेट के सबसे प्रिय व्यक्तित्वों में से एक थे। उनका निधन पूरे क्रिकेट जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।”
ईसीबी ने भी ट्वीट कर शोक व्यक्त किया, “Dickie Bird क्रिकेट की आत्मा थे। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।” भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी श्रद्धांजलि दी, विशेष रूप से 1983 विश्व कप की यादों को ताजा करते हुए। बर्ड के निधन से क्रिकेट प्रेमी स्तब्ध हैं, और उनके जीवन पर आधारित किताब ‘व्हाइट कैप एंड बैग्स’ उनकी विरासत को जीवित रखेगी।

