22 साल बाद बंद होने वाला है Skype, Microsoft ने 5 मई से बंद करने का किया ऐलान, यहां जानें कारण
माइक्रोसॉफ्ट ने 22 साल पुराने Skype के बंद होने का ऐलान किया है। कंपनी ने 5 मई 2025 से Skype की सेवाएं बंद करने की घोषणा की है, जिससे लाखों यूजर्स को झटका लगा है। Skype, जिसे 2003 में स्थापित किया गया था, एक समय पर वीडियो कॉलिंग और चैटिंग का प्रमुख प्लेटफॉर्म था। लेकिन अब, प्रौद्योगिकी के बदलते दौर में Skype अपनी जगह नहीं बना सका और माइक्रोसॉफ्ट ने इसे बंद करने का निर्णय लिया है।
क्यों बंद हो रहा है Skype? माइक्रोसॉफ्ट ने Skype को बंद करने का कारण नए और बेहतर वीडियो कॉलिंग प्लेटफॉर्म्स का उभरना बताया है। विशेषकर, Microsoft Teams और Zoom जैसे प्लेटफॉर्म्स ने पेशेवर और व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। इसके अलावा, Skype को अब पहले जैसी लोकप्रियता नहीं मिल रही है, और उपयोगकर्ता इन नए प्लेटफॉर्म्स पर ज्यादा सक्रिय हो गए हैं।
Skype के साथ जुड़े उपयोगकर्ताओं को अब माइक्रोसॉफ्ट की ओर से Teams पर स्विच करने की सलाह दी गई है, जो कि एक उन्नत और सुरक्षित प्लेटफॉर्म है। यह बदलाव माइक्रोसॉफ्ट के लिए एक रणनीतिक कदम है, ताकि वे अपनी नई तकनीकी दिशा में आगे बढ़ सकें।
Skype का इतिहास: Skype ने 2003 में शुरुआत की थी और जल्दी ही वीडियो कॉलिंग, चैटिंग और वॉयस कॉलिंग के लिए एक प्रमुख एप्लिकेशन बन गया था। इसके बाद, माइक्रोसॉफ्ट ने 2011 में Skype को खरीदा और इसके नए संस्करणों के जरिए इसे अपने बिजनेस इकोसिस्टम में शामिल किया। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में उपयोगकर्ताओं की घटती संख्या और प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म्स के कारण Skype का प्रभाव कम हो गया।
उपयोगकर्ताओं के लिए क्या होगा? माइक्रोसॉफ्ट ने Skype के बंद होने के बाद यूजर्स को अपनी सभी चैट्स और डेटा को सहेजने की सलाह दी है। इसके बाद, Skype की सेवाओं का पूरी तरह से उपयोग नहीं किया जा सकेगा। अब जो लोग Skype का उपयोग करते हैं, उन्हें Teams या अन्य प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जो Skype के लाखों उपयोगकर्ताओं के लिए एक युग का अंत प्रतीत होता है।
