Harmanpreet Kaur, Smriti Mandhana, Divya Deshmukh – BBC Indian Sportswoman of the Year 2025 :
नई दिल्ली। भारत की महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और उप-कप्तान स्मृति मंधाना 2025 के बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर पुरस्कार के लिए नामांकित हुई हैं। इसके साथ ही शतरंज की उभरती स्टार दिव्या देशमुख, पिस्टल निशानेबाज सुरुचि सिंह और ट्रैक एवं फील्ड एथलीट ज्योति याराजी को भी इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है।
बीबीसी की वैश्विक निदेशक फियोना क्रैक ने कहा, “यह पुरस्कार पूरे भारत में महिलाओं की खेल प्रतिभाओं का प्रतीक है। हम इन खिलाड़ियों को उनकी मेहनत और उपलब्धियों को वैश्विक स्तर पर दिखाने का अवसर प्रदान कर रोमांचित हैं।”
हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना की उपलब्धियां
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने नवंबर 2025 में भारत को महिला विश्व कप का पहला खिताब दिलाया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने 88 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी खेली, जबकि 2017 के सेमीफाइनल में उनके 171 रनों की नाबाद पारी को आज भी महिला क्रिकेट की महानतम पारियों में गिना जाता है।

उप-कप्तान स्मृति मंधाना अपने करियर में पहले ही कई रिकॉर्ड तोड़ चुकी हैं। वह एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक बनाने वाली भारतीय बल्लेबाजों में दूसरे और कुल रन के मामले में तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 50 गेंदों में शतक बनाकर विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा। मंधाना 2018 और 2021 में दो बार आईसीसी की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर चुनी जा चुकी हैं।

दिव्या देशमुख: शतरंज की नई चमक
महज 20 वर्ष की दिव्या देशमुख ने जुलाई 2024 में फिडे महिला विश्व कप में इतिहास रचते हुए भारत की पहली और सबसे कम उम्र की विजेता बनकर ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया। उन्होंने फाइनल में कोनेरू हम्पी को हराया और शतरंज में भारतीय महिलाओं के लिए नया कीर्तिमान स्थापित किया। नागपुर की रहने वाली दिव्या ने पांच साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया और जल्दी ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त की।

सुरुचि सिंह और ज्योति याराजी की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां
सुरुचि सिंह ने निशानेबाजी में आईएसएसएफ विश्व कप और विश्व चैंपियनशिप में लगातार पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई। 19 वर्षीय सुरुचि ने 2025 में ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीते और मिश्रित टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक हासिल किया।

ज्योति याराजी, 100 मीटर बाधा दौड़ की भारतीय स्टार, ने 2024 पेरिस ओलंपिक क्वालीफिकेशन में हिस्सा लिया और 2025 में एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर बाधा दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर एशिया की नंबर-1 धाविका बन गई। याराजी ने पहले भी एशियाई खेलों और विश्व विश्वविद्यालय खेलों में पदक जीते हैं और लगातार राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर रही हैं।

नामांकन प्रक्रिया और महत्व
इन खिलाड़ियों को पिछले वर्ष के प्रदर्शन, उपलब्धियों और योगदान के आधार पर खेल विशेषज्ञों, संपादकों और लेखकों की प्रतिष्ठित जूरी द्वारा चयनित किया गया। यह पुरस्कार न केवल भारतीय खेल जगत में महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करता है, बल्कि उन्हें वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का भी माध्यम है।
